खुद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्रियों का करीबी बताकर ठगी करने के आरोपी मोहम्मद काशिफ को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी। काशिफ पर आरोप है कि उसने पीएम और कई मंत्रियों के साथ फर्जी तस्वीरें बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट की और खुद को उनका करीबी बताकर लोगों से सरकारी विभागों में काम करवाने के नाम पर उगाही की। आरोप है कि वह अब तक करोड़ो की ठगी कर चुका था।
सुप्रीम कोर्ट ने जमानत क्यों दी?
जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की बेंच ने कहा कि आरोपी लगभग तीन साल से जेल में है, इसलिए उसे सशर्त जमानत दी जा रही है। काशिफ ने भी कोर्ट को आश्वासन दिया कि वह भविष्य में संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के नाम का इस्तेमाल कर ठगी नहीं करेगा।
लोगों से अवैध वसूली,सरकारी ठेके भी हासिल किए
काशिफ के खिलाफ पहले उत्तर प्रदेश पुलिस ने जालसाजी और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था। इसके बाद ED ने 19 अप्रैल 2023 को उसके खिलाफ केस दर्ज किया। राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े इनपुट और संदिग्ध गतिविधियों के चलते उस पर कई वर्षों से निगरानी रखी जा रही थी। जांच में सामने आया कि उसने खुद को पीएम और केंद्रीय मंत्रियों का करीबी बताकर लोगों से अवैध वसूली की। इतना ही नहीं, उसने राजस्थान सरकार और अन्य विभागों से काम के ठेके भी हासिल किए।
ED के मुताबिक, लोगों को झांसा देने के लिए काशिफ़ ने अपने फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट पर प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों के साथ एडिटेड तस्वीरें पोस्ट की थीं। एजेंसी को उसके नाम से 30 मई 2019 के प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह और 20 फरवरी 2019 को प्रधानमंत्री के साथ लंच के कथित निमंत्रण पत्र समेत कई फर्जी दस्तावेज भी मिले।
1 करोड़ से ज़्यादा रकम बरामद
नोएडा पुलिस ने काशिफ के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और IT एक्ट के तहत FIR दर्ज की थी। इसके बाद अप्रैल 2023 में ED ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया। जांच के दौरान ED ने काशिफ के ठिकानों से 1 करोड़ 10 लाख रुपये से अधिक की रकम बरामद की, जिसे अपराध से अर्जित धन बताया गया।
सुप्रीम कोर्ट ने लगाई शर्त
काशिफ के वकील ने दलील दी कि पुलिस द्वारा दर्ज FIR में उसे पहले ही जमानत मिल चुकी है और ED मामले में वह करीब तीन साल से जेल में है। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि काशिफ़ ट्रायल में पूरा सहयोग करेगा। साथ ही कहा कि यदि वह ज़मानत की शर्तों का उल्लंघन करता है, तो ED ट्रायल कोर्ट में उसकी जमानत रद्द करने की याचिका दाखिल कर सकती है।
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