माननीय विशेष न्यायाधीश, सीबीआई भ्रष्टाचार निरोधक, गाजियाबाद ने दिनांक 29.08.2025 को रिश्वतखोरी के एक मामले में आरोपी धर्मवीर सिंह को दोषी ठहराया और 10,000 रुपये के जुर्माने के साथ 23 महीने की कैद की सजा सुनाई।

केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने दिनांक 14.09.2022 को यह मामला इस आरोप पर दर्ज किया था कि आरोपी धर्मवीर सिंह, वसूली (रिकवरी) एजेंट, पंजाब नेशनल बैंक, नौगांव, सादाबाद, हाथरस (निजी व्यक्ति) ने शिकायतकर्ता से इस वादे के साथ रिश्वत की मांग की थी कि वह शिकायतकर्ता के पिता के नाम पर केसीसी ऋण खाते के एकमुश्त निपटान के संबंध में अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी करने के लिए लोक सेवक, यानी तत्कालीन शाखा प्रबंधक को प्रभावित करेगा।

सीबीआई ने जाल बिछाकर आरोपी धर्मवीर सिंह को दिनांक 15.09.2022 को शिकायतकर्ता से 10,000 रुपये की रिश्वत मांगते और स्वीकार करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया था।

सीबीआई द्वारा दिनांक 14.11.2022 को आरोपी धर्मवीर सिंह के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया था और दिनांक 24.08.2023 को आरोप तय किए गए थे।

इसके बाद, आरोपी धर्मवीर सिंह ने दिनांक 06.08.2025 को माननीय न्यायालय के समक्ष अपना अपराध स्वीकार करते हुए प्ली बार्गेनिंग के लिए एक आवेदन दायर किया  था।

माननीय विशेष न्यायाधीश, भ्रष्टाचार निरोधक, सीबीआई, न्यायालय संख्या 1, गाजियाबाद ने दिनांक 29.08.2025 के आदेश और निर्णय के तहत आरोपी धर्मवीर सिंह की प्ली बार्गेनिंग के लिए आवेदन स्वीकार कर लिया और उसे 23 महीने के कारावास और 10,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।

 

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Vishal Gupta