हाईकोर्ट जस्टिस विवेक अग्रवाल तथा जस्टिस एके सिंह की युगलपीठ ने प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री तथा सतना के रैगांव विधानसभा से विधायक प्रतिमा बागरी के जाति प्रमाण-पत्र की जांच के निर्देश प्रदेश स्तरीय हाई लेवल कास्ट स्क्रूटनी कमेटी को दिये है। युगलपीठ ने कमेटी को आदेशित किया है कि जाति प्रमाण-पत्र की जांच 30 जून से पहले कर आदेश जारी करें। कमेटी निर्धारित समय अवधि में आदेश का पालन नहीं करती है तो याचिकाकर्ता पुनः याचिका दायर करने स्वतंत्र है।

राष्ट्रीय कांग्रेस भारतीय के अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि सतना जिले में रैगांव विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। इस विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी प्रतिमा बागरी ने चुनाव लड़कर विजय हासिल की थी। याचिका में आरोप लगाते हुए कहा गया था कि, वर्तमान में प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री तथा रैगवां सीट विधायक प्रतिमा बागरी एससी वर्ग की नहीं है। चुनाव लडने के लिए उन्होंने गलत एससी होने का गलत प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किया था।

हाई लेवल कास्ट स्क्रूटनी कमेटी 60 दिन में फैसला लेगी

याचिका की सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से इस बात पर सहमति व्यक्त की गई कि, हाई लेवल कास्ट स्क्रूटनी कमेटी अनावेदक को सुनवाई का अवसर प्रदान करते हुए नियमानुसार कार्यवाही करते हुए 60 दिनों में फैसला लेकर याचिकाकर्ता को इसकी जानकारी प्रदान करें। युगलपीठ ने याचिका की सुनवाई करते हुए अपने आदेश में कहा है कि कमेटी 30 जून 2026 तक आदेश पारित नहीं करती है तो याचिकाकर्ता याचिका को पुन दायर करने स्वतंत्र है। युगलपीठ ने उक्त आदेश के साथ याचिका का निराकरण करें।

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