Citation : 2025 Latest Caselaw 814 Chatt
Judgement Date : 29 July, 2025
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2025:CGHC:36942-DB
NAFR
HIGH COURT OF CHHATTISGARH AT BILASPUR
FA(MAT) No. 219 of 2022
Smt. Kalpana Gaharwal (After Marriage Maheshwari) D/o Shri Kamta Prasad
Gaharwal, Aged About 25 Years, R/o House No. 19, Ward No. 32, Satnami Para,
Digitally
signed Near Maruti Bekari, Telibandha, Raipur, District- Raipur, Chhattisgarh
by AMIT
PATEL ... Appellant
versus
Mangal Singh Maheshwari, S/o Shri Rohan Lal Maheshwari, Aged About 27 Years,
R/o Village Bahamakadi, P.S. Mandir Hasaud, District Raipur Chhattisgarh
__________________________________________________________________
For Appellant : Mr. Pushkar Sinha, Advocate.
For Respondent : Mr. Ravindra Sharma, Advocate.
________________________________________________________________ Hon'ble Smt Justice Rajani Dubey J.
Hon'ble Shri Justice Amitendra Kishore Prasad J.
Order on Board Per, Rajani Dubey, Judge
29.07.2025
1. Both the parties are present before this Court along with their counsel, let their
presence be marked.
2. The appellant has filed the instant appeal under Section 19 (1) of the Family
Court Act, 1984 against the impugned judgment & decree dated 17.10.2022
(Annexure A-1) passed in Civil Suit No. 529/2018 passed by the learned
Family Court, Raipur, District- Raipur (C.G.), whereby the learned Family
Court allowed the application under Section 11 of Hindu Marriage Act of the
respondent for decree of divorce and dissolved the marriage between the
parties. Therefore, the present appeal filed by the appellant.
3. During the pendency of appeal both the parties agreed for amicable settlement
and vide order dated 02.07.2025, the matter was referred to Mediation Centre
of this Court and both parties have settled their dispute before the Mediation
Centre on 11.07.2025, wherein statements of both the parties got recorded and
compromise was arrived at between the parties in terms of the settlement
agreement dated 11.07.2025, which was duly signed by them.
4. Operative paras of settlement agreement dated 11.07.2025 are as under:-
" दोनो पक्षकारों का विवाह 20.08.2017 को हिन्द ू विधि से ग्राम गिरौदपुरी जिला बलौदा बाजार में सम्पन्न हुआ था। तथा उभय पक्षकारगण के दामपत्य संबंधों के फलस्वरूप एक पुत्र- मितेश महेश्वरी का जन्म दिनांक 10.09.2018 को हुआ। किन्तु उनके बीच आपसी तालमेल का आभाव होने के कारण अक्टू बर 2018 से दोनों पक्ष अलग- अलग रह रहे हैं। इस बीच अनावेदक ने आवेदिका के विरुद्ध धारा 11 हिन्द ू विवाह अधिनियम के अंतर्गत एक प्रकरण परिवार न्यायालय, रायपुर के समक्ष विवाह शून्य घोषित किये जाने की आज्ञप्ति प्रदान करने हेतु प्रस्तुत किया था जिसका प्रकरण क्रमांक HMA प्रकरण क्रमांक 529/2018 था। जिसमें निर्णय एवं आपत्ति दिनांक 17.10.2022 जिसके विरुद्ध आवेदिका ने मा० उच्च न्यायालय के समक्ष धारा 19 (1) कुटु म्ब न्यायालय अधिनियम के तहत् अपील प्रस्तुत की है जो कि एफ०ए० (एम.ए.टी.) 219/2022 के रूप में दर्ज है तथा उसी प्रकरण में मा० उच्च न्यायालय के द्वारा पारित आदेश दिनांक 02.07.2025 के परिपालन में वर्तमान में मध्यस्थता की कार्यवाही की गई जिसमें उभय पक्षकार की आपसी सहमति से उनके बीच लंबित सभी प्रकरणों तथा विवादो के संबंध में यह समझौता पत्र लिखित किया गया है तथा दोनो पक्षकार आपसी सहमति से उक्त समझौता पत्र को पढ़ कर समझ कर अपनी सहमति से हस्ताक्षर कर रहे है। जिसके अंतर्गत आवेदिका तथा अनावेदक के मध्य सभी लंबित प्रकरणों में समझौता किया जा रहा है तथा अनावेदक आवेदिका को समझौते की एक मुश्त राशि के रूप में कुल 14,00,000/- (चौदह लाख रूपये) कुल तीन किश्तों में निम्न लिखित शर्तों के अनुसार अदा करेगा।
आवेदिका ने अपने तथा अपने नाबालिग पुत्र- मितेश के साथ संयक्त ु रूप से अनावेदक के विरूद्ध धारा 125 दं.प्र.सं. के अंतर्गत भरण-पोषण राशि प्राप्त करने हेतु एक आवेदन मा. प्रधान न्यायाधिश कुटु म्ब न्यायालय, रायपुर के समक्ष प्रस्तुत किया था, जिसका प्रकरण क्र० वि० आ० प्र० क्र० 135/2019 था जिसमें उक्त न्यायालय द्वारा दिनांक 25.10.2024 को आवेदिका तथा उसके नाबालिग पुत्र- मितेश के पक्ष में कमशः 10,000 / एवं 5,000/- कुल 15000/- (पन्द्रह हजार रूपये मात्र) प्रतिमाह भरण-पोषण की राशि के निर्देश दिये गये है। उक्त आदेश के विरूद्ध आनावेदक के द्वारा माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष रिवीजन याचिका क्र 0 1292/2024 (मंगल सिंह महेश्वरी विरुद्ध
श्रीमती कल्पना महेश्वरी एवं एक अन्य) प्रस्तुत की है। जो कि वर्तमान में विचारार्थ लंबित हैं।
यह कि आवेदिका ने वर्तमान में अनावेदक के विरुद्ध बकाया भरण-पोषण राशि प्राप्त करने हेतु कुटु म्ब न्यायालय रायपुर के समक्ष वसूली के लिए आवेदन प्रस्तुत किया है जिनका प्रकरण क्रमांक 1389/2024 तथा 539/2025 है जो वर्तमान मे लंबित हैं I यह कि अनावेदिका के द्वारा माननीय न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम वर्ग रायपुर के समक्ष घरेलु हिंसा अधिनियम के अंतर्गत एक परिवाद प्रकरण क्र 0-415/2019 पेश किया गया है जो कि वर्तमान मे लंबित हैं।
यह कि उभय पक्ष के बीच साथ रहने की कोई भी परिस्थिति शेष नही रह गई और वर्तमान में भी कोई परिस्थिति निर्मित नही हो सकती अतः दोनों पक्ष आपसी सहमती से निम्नलिखित शर्तों पर समझौता कर रहे है -
1. आवेदिका ने जो व्यवहारवाद अनावेदक के विरूद्ध बकाया भरण-पोषण राशि प्राप्त करने हेतु कुटु म्ब न्यायालय रायपुर के समक्ष वसूली के लिए आवेदन प्रस्तुत किया है जिनका प्रकरण क्रमांक 1389/2024 तथा 539/2025 है जो वर्तमान मे लंबित हैं को आवेदिका वापिस ले लेगी। इसके अतिरिक्त यदि आवेदिका ने अनावेदक के विरुद्ध भरण-पोषण राशि की वसूली के लिये अन्य कोई भी आवेदन कुटु म्ब न्यायालय, रायपुर के समक्ष प्रस्तुत किया होगा उसे भी आवेदिका वापस ले लेगी तथा आज के पश्चात् अथवा नाबालिग पुत्र के वयस्क होने के पश्चात भी जीवन में कभी भी आवेदिका अथवा उसका नाबालिग पुत्र - मितेश अनावेदक के विरुद्ध किसी भी प्रकार का भरण-पोषण अथवा उसकी स्वअर्जित अथवा पैतृक संपत्ति पर किसी भी प्रकार का दावा नही करेंगे। अनावेदक 4,00,000/- (चार लाख रूपये मात्र) की राशि का बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से अथवा आर०टी०जी०एस० के द्वारा दिनांक 26.07.2025 तक आवेदिका के रविग्राम तेलीबांधा, रायपुर स्थित पोस्ट आफिस में संधारित खाता क्रमांक-4641478723 में जमा/अदा करेगा तथा आवेदिका उक्त राशि का बैंक ड्राफ्ट प्राप्त करने के पश्चात् उक्त दोनों प्रकरण अर्थात 1389/2024 तथा 539/2025 को माननीय कुटु म्ब न्यायालय, रायपुर के समक्ष वापिस ले लेगी। इसी तरह आनावेदक के द्वारा जो माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष रिवीजन याचिका क्0 1292/2024 (मंगल सिंह महेश्वरी विरूद्ध श्रीमती कल्पना महेश्वरी एवं एक अन्य) प्रस्तुत की गई है उसे अनावेदक वापिस ले लेगा। आवेदिका इस बात पर सहमत् है कि वह इस कंड़िका में उल्लेखित प्रकरणों को वापस लेने के पश्चात् आदेश पत्रिका की प्रमाणित प्रतिलिपि स्वयं के व्यय पर प्राप्त कर अनावेदक को देगी।
2. उभय पक्ष की आपसी सहमति के आधार पर अनावेदक के द्वारा 5,00,000/- (पांचा लाख रूपये मात्र) की राशि का बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से अथवा आर०टी० जी०एस० के द्वारा दिनांक 20.08.2025 तक आवेदिका के रविग्राम तेलीबांधा, रायपुर स्थित पोस्ट ऑफ़िस में संधारित खाता क्0-4641478723 में जमा/अदा करेगा जिसके पश्चा आवेदिका उसके द्वारा मा. उच्च न्यायालय के समक्ष धारा 19 (1) कुटु म्ब न्यायाल अधिनियम के तहत अपील प्रस्तुत की है जो कि एफ.ए. (एम.ए.टी.) 219/2022 के रूप में दर्ज है में आवेदिका
तथा अनावेदक संयक्त ु आवेदन प्रस्तुत कर उनके विवाह को आपसी सहमति से विच्छे द करने की घोषणा की प्रार्थना करेंगे अथवा आवश्यकता पड़ने पर इस संबंध में कुटु म्ब न्यायालय, रायपुर के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करेंगे। आवश्यकता हुई तो कुटु म्ब न्यायालय, रायपुर के समक्ष आपसी सहमति से विवाह विच्छे द के लिये संयक्त ु आवेदन प्रस्तुत करने की स्थिति उत्पन्न हुई तो उक्त प्रकरण में दोनों पक्षकार का संपूर्ण व्यय आवेदिका वहन करेगी तथा यह प्रयास करेगी की उक्त प्रकरण शीघ्रातिशीघ्र निराकृत हो तथा अनावेदक को अनावश्यक रूप से परेशानी का सामना न करना पड़े। अनावेदक आवेदिका को इस कंडिका में उल्लेखित प्रकरण के संबंध में दी जाने वाली राशि 5,00,000/- (पांच लाख रूपये मात्र) को आवेदिका को उस दिन देगा जिस दिन उनके द्वारा संयक्त ु रूप से प्रस्तुत किये जाने वाले विवाह विच्छे द के आवेदन में उनका कथन माननीय कुटू म्ब न्यायालय, रायपुर के समक्ष दर्ज होगा। आवेदिका इस बात पर सहमत है कि वह इस कंडिका में उल्लेखित प्रकरण के आदेश पत्रिका की प्रमाणित प्रतिलिपि स्वयं के व्यय पर प्राप्त कर अनावेदक को देगी।
3. अनावेदिका के द्वारा माननीय न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम वर्ग, रायपुर के समक्ष घरेलु हिंसा अधिनियम के अंतर्गत एक परिवाद प्रकरण क्र०-415/2019 पेश किया गया है जो कि वर्तमान में लंबित हैं। उभय पक्ष की आपसी सहमति के आधार पर अनावेदक के द्वारा 5,00,000/- (पांच लाख रूपये मात्र) की राशि बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से अथवा आर०टी०जी०एस० के द्वारा दिनांक 27.09.2025 तक आवेदिका के रविग्राम तेलीबांधा, रायपुर स्थित पोस्ट आफिस में संधारित खाता क्र०-4641478723 में जमा/अदा करेगा जिसके पश्चात् आवेदिका उसके द्वारा प्रस्तुत उक्त परिवाद प्रकरण क्र 0-415/2019 को वापस ले लेंगी।
4. आनावेदक वर्तमान में छ०म० शासन के अंतर्गत गृह (पुलिस) विभाग के अंतर्गत आरक्षक के पद पर कार्यरत् है तथा वर्तमान में पुलिस मुख्यालय में सी०आई०डी० विभाग में पदस्थ है। अनावेदक के द्वारा अपने विभाग में अपने उत्तराधिकारी के रूप में अपने पुत्र - मितेश महेश्वरी का नाम दर्ज करवाया गया है। अनावेदक अपने पुत्र मितेश का नाम उक्त दस्तावेजों में से भविष्य में नहीं हटाने के लिये इस शर्त पर सहमत है कि अनावेदक का नाबालिक पुत्र मितेश भविष्य में अनावेदक की स्वअर्जित अथवा पारिवारिक किसी भी संपत्ति पर किसी भी प्रकार का दावा नहीं करेगा। आवेदिका भी अनावेदक के विरूद्ध भविष्य में किसी भी प्रकार का कोई दावा या मांग नहीं करेगी।
5. इस समझौते के अनुसार विवाह विच्छे द के पश्चात् आवेदिका एं व अनावेदक आपस में कोई भी संबंध नही रखेगे एवं एक-दस ू रे के विरूद्ध कोई भी बात समाज में , कार्यस्थल पर और कही भी नही करेगे तथा उभय पक्ष भविष्य में कभी किसी वैवाहिक अधिकार अथवा भरण-पोषण के संबंध में कोई मांग या मुकदमा दायर नही करेंगें तथा आज के पश्चात् आवेदिका एवं उसका नाबालिग पुत्र मितेश उसके वयस्क होने के पश्चात् भी जीवन में कभी भी अनावेदक के विरूद्ध किसी भी प्रकार का भरण-पोषण अथवा उसकी स्वअर्जित अथवा पैतृक संपत्ति पर किसी भी प्रकार का दावा नहीं करेंगे।
उभयपक्ष इस समझौता पत्र की शर्तों से सहमत हैं एवं पालन के लिए कटिबद्ध हैं समझौता पत्र में दी गई शर्तों को उन्होंने अपनी स्वयं की स्वेच्छापूर्व क सहमति एवं बिना किसी दबाव, भय एवं लालच के स्वीकार किया गया है उभयपक्ष ने इस समझौता पत्र की शर्तों को पढने व समझने के पश्चात अपनी स्वतंत्र सहमति से परस्पर एक-दस ू रे की उपस्थिति में हस्ताक्षर कर निष्पादित किया।
प्रथम पक्षकार.....Sd/-......... द्वितीय.............Sd/-...........
Sd/-
(एम.पी.एस. भाटिया) मध्यस्थ "
5. Learned counsel for the parties jointly submit that the aforesaid agreement has
been arrived at between the parties without any pressure or coercion, out of
their own free will, whereby they have amicable resolved the dispute before
the Mediation Centre of this Court and therefore, the present appeal may be
disposed of in terms of the aforesaid agreement dated 11.07.2025.
6. We have heard learned counsel for the respective parties.
7. In view of the submissions made by learned counsel for the parties, the
judgment and decree of divorce dated 17.10.2022 passed by learned Family
Court, Raipur is hereby set aside. The said agreement will form part of this
judgment.
8. Let a decree be drawn accordingly.
9. Interlocutory application, if any pending, shall also stand disposed of.
Sd/- Sd/- (Rajani Dubey) (Amitendra Kishore Prasad) JUDGE JUDGE AMIT PATEL
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