भारतीय दंड संहिता की धारा 435 के अनुसार, जो कोई किसी सम्पत्ति को, एक सौ रुपए या उससे अधिक का, या (जहां कि सम्पत्ति कॄषि उपज हो) वहां दस रुपए या उससे अधिक का नुकसान कारित करने के आशय से, या यह सम्भाव्य जानते हुए कि वह तद्द्वारा ऐसा नुकसान कारित करेगा, अग्नि या किसी विस्फोटक पदार्थ द्वारा कुचेष्टा करेगा, तो उसे किसी एक अवधि के लिए कारावास की सजा जिसे सात वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है से दण्डित किया जाएगा, और साथ ही वह आर्थिक दण्ड के लिए भी उत्तरदायी होगा।
लागू अपराध
सौ रुपए का या (कॄषि उपज की दशा में) दस रुपए का नुकसान कारित करने के आशय से अग्नि या विस्फोटक पदार्थ द्वारा कुचेष्टा।
सजा - सात वर्ष कारावास + आर्थिक दण्ड।
यह एक जमानती, संज्ञेय अपराध है और प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय है।
यह अपराध समझौता करने योग्य नहीं है।
| अपराध | सजा | संज्ञेय | जमानत | विचारणीय |
|---|---|---|---|---|
| 100 रुपये या ऊपर की ओर या कृषि उपज के मामले में 10 रुपये या ऊपर की ओर नुकसान पहुंचाने के इरादे से आग या विस्फोटक पदार्थ से शरारत | 7 साल + जुर्माना | संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम श्रेणी का मजिस्ट्रेट |

