कश्मीर घाटी में कथित आतंकी साजिश से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट से आरोपी सुहैल अहमद थोकर को बड़ी राहत मिली है। न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह फैसला सुनाया। सुहैल अहमद थोकर को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए और अन्य आपराधिक धाराओं के तहत गिरफ्तार किया था।

चार साल से जेल में थे सुहैल

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान इस बात पर विशेष ध्यान दिया कि आरोपी 5 अक्तूबर 2021 से जेल में बंद है और वह लंबे समय से हिरासत में है। अदालत ने यह भी माना कि मामले की सुनवाई पूरी होने में अभी काफी समय लग सकता है। इसी आधार पर अदालत ने आरोपी को जमानत देने का फैसला किया।

अदालत ने जमानत की शर्त बताई

अदालत ने स्पष्ट कहा कि अगर जमानत की किसी भी शर्त का उल्लंघन हुआ तो सुहैल अहमद थोकर की जमानत तुरंत रद्द कर दी जाएगी और उसे दोबारा राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की हिरासत में भेज दिया जाएगा।

यह आदेश दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती देने वाली अपील पर आया, जिसमें हाईकोर्ट ने सितंबर 2023 में थोकर की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। हाईकोर्ट ने कहा था कि प्रथम दृष्टया आरोपी के खिलाफ लगे आरोप सही प्रतीत होते हैं और यूएपीए के तहत जमानत दिए जाने की शर्तें पूरी नहीं होतीं।

अहमद पर क्या आरोप है?

सुहैल अहमद थोकर उन आरोपियों में शामिल है, जिन पर आरोप है कि उन्होंने अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने और आतंकी गतिविधियों के लिए प्रेरित करने की साजिश में भूमिका निभाई। एनआईए के अनुसार यह साजिश पाकिस्तान में बैठे आतंकी सरगनाओं और भारत में सक्रिय ओवरग्राउंड वर्कर्स के नेटवर्क के जरिए चलाई जा रही थी।

जांच एजेंसी का दावा और आरोप

जांच एजेंसी ने दावा किया था कि इस कथित साजिश में प्रतिबंधित आतंकी संगठनों जैसे लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, हिज्बुल मुजाहिदीन और अल-बद्र समेत कई समूह शामिल थे। एजेंसी के मुताबिक इन संगठनों का मकसद युवाओं की भर्ती करना, उन्हें हथियारों और विस्फोटकों का प्रशिक्षण देना और जम्मू-कश्मीर समेत देश के अन्य हिस्सों में आतंकवादी गतिविधियों को फिर से बढ़ावा देना था।

एनआईए ने यह भी आरोप लगाया था कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद आतंकवादी गतिविधियों को दोबारा सक्रिय करने के लिए यूनाइटेड जिहाद काउंसिल नाम का एक केंद्रीय नेटवर्क तैयार किया गया था, जिसे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी का समर्थन हासिल था।

जांच एजेंसी के मुताबिक, सुहैल अहमद थोकर ने इस कथित साजिश में शामिल आतंकियों को पनाह देने और उन्हें मदद पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाई। उसे अक्टूबर 2021 में गिरफ्तार किया गया था। मामले में दाखिल चार्जशीट में कुल 25 लोगों को आरोपी बनाया गया है।

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