Friday, 22, May, 2026
 
 
 
Expand O P Jindal Global University
 
Recent News

जीरकपुर-पंचकूला बाईपास के निर्माण पर तलवार: 7000 वृक्षों की कटाई पर रोक की मांग, हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस


Punjab and Haryana High Court
26 Mar 2026
Categories: Hindi News

जीरकपुर-पंचकूला बाईपास परियोजना के लिए हजारों वृक्षों की कटाई पर रोक लगाने की मांग को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई थी। हाईकोर्ट ने केंद्र, हरियाणा और पंजाब सरकार सहित एनएचएआई को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। 

याचिकाकर्ता ने यह भी सवाल उठाया कि जिन पेड़ों की कटाई की जा रही है, उनकी भरपाई के लिए हरियाणा में पर्याप्त भूमि उपलब्ध नहीं है। इसके बदले हरियाणा से करीब 300 किलोमीटर दूर फिरोजपुर क्षेत्र में पौधरोपण की योजना बनाई गई है जहां पेड़ों के जीवित रहने की दर भी काफी कम बताई गई है। मामला हाईकोर्ट के संज्ञान में आने के बाद अब इस योजना के कार्यान्वयन पर तलवार लटक गई है और इस पर रोक लगाने की मांग पर हाईकोर्ट 1 अप्रैल को सुनवाई करेगा।

पंजाब से शुरू होकर हरियाणा से गुजरेगा हाईवे

वृक्षों के 100 वर्ष से अधिक पुराने होने की दलील देते हुए याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि यह हाईवे पंजाब से शुरू होकर हरियाणा होते हुए गुजरेगा जिसके चलते करीब 7,000 पेड़ों की कटाई का खतरा है। ट्राइसिटी चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली का ग्रीन लंग है जो वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने, तापमान संतुलन बनाए रखने और जैव विविधता को संरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाता है। 

हाईकोर्ट को बताया गया कि पंचकूला के एक विकसित गोल्फ कोर्स क्षेत्र में लगभग 14,000 पेड़ों की हरियाली मौजूद है, जहां से हाईवे गुजरने की योजना है। इस कारण गोल्फ कोर्स के कई हिस्से निर्माण कार्य में प्रभावित होंगे और करीब 3,000 पेड़ों की कटाई संभावित है। इसके अलावा पंचकूला के सेक्टर-1ए की ग्रीन बेल्ट, जहां वन्यजीवों की मौजूदगी बताई गई, वहां भी लगभग 2,000 पेड़ों के प्रभावित होने की आशंका जताई गई। 

याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट के समक्ष गूगल मैप्स और तस्वीरों के जरिए प्रस्तावित मार्ग को दिखाते हुए कहा कि यह प्रोजेक्ट एक बड़े वन क्षेत्र और हरित क्षेत्र को नुकसान पहुंचाएगा जबकि महज 500 मीटर के डायवर्जन से इसे टाला जा सकता है। उन्होंने बताया कि पहले से मौजूद नेशनल हाईवे-7 के जरिए कनेक्टिविटी दी जा सकती है जिससे हजारों पेड़ों को बचाया जा सकता है।

हाईकोर्ट को बताया गया कि हरियाणा में वन क्षेत्र पहले ही बहुत कम है। भारतीय वन रिपोर्ट 2023 का हवाला देते हुए बताया गया कि राज्य में कुल वन आवरण लगभग 3.65 प्रतिशत ही है जो निर्धारित 33 प्रतिशत के मुकाबले बेहद कम है। ऐसे में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई पर्यावरण संतुलन को और बिगाड़ सकती है। हाईकोर्ट को बताया गया कि अभी तक पेड़ों की कटाई के लिए अंतिम अनुमति नहीं दी गई है, हालांकि 20 मार्च को प्रोजेक्ट के लिए टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है।

Source Link



Download the LatestLaws.com Mobile App
 
 
Latestlaws Newsletter
 

Publish Your Article

 

Campus Ambassador

 

Media Partner

 

Campus Buzz

 

LatestLaws Guest Court Correspondent

LatestLaws Guest Court Correspondent Apply Now!
 

LatestLaws.com presents: Lexidem Offline Internship Program, 2026

 

LatestLaws.com presents 'Lexidem Online Internship, 2026', Apply Now!

 
 

LatestLaws Partner Event : IJJ

 

LatestLaws Partner Event : MAIMS

 
 
Latestlaws Newsletter