दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में होली के दौरान हुई हिंसा और एक युवक की मौत के बाद तनाव चरम पर पहुंच गया है। अब ईद-उल-फितर के मद्देनजर 'खून की होली' (Khoon ki Holi) खेलने की धमकियों और सांप्रदायिक हिंसा की आशंका के बीच दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस और प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि ईद शांतिपूर्ण और गरिमापूर्ण तरीके से मनाई जाए और कोई भी व्यक्ति या समूह ऐसी हरकत न करे जिससे स्थिति बिगड़ सकती है।
पुलिस को सख्त निर्देश
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उत्तम नगर में पुलिस बंदोबस्त और सुरक्षा-व्यवस्था रामनवमी तक जारी रहेगी। अब इस मामले में अगली सुनवाई रामनवमी के बाद होगी, ताकि त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से मनाया जा सके।
अदालत ने कहा कि ईद खुशी मनाने का त्योहार है और ये सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वो ये सुनिश्चित करें कि ऐसे मौके पर किसी भी अप्रिय घटना से सार्वजनिक जीवन बाधित न हो।
अदालत ने आदेश दिया, 'इसलिए हम इलाके की पुलिस और नागरिक प्रशासन को निर्देश देते हैं कि वो कानून के तहत अनुमत सभी आवश्यक कार्रवाई करें, ताकि स्थिति किसी भी तरह से अप्रिय न हो और ईद के त्योहार के शांतिपूर्ण और गरिमापूर्ण पालन के लिए अनुकूल माहौल बनाया जा सके, जो संभवतः कल है।
इलाके में तैनात है पुलिस बल
कोर्ट ने कहा कि पुलिस द्वारा की जाने वाली बंदोबस्त ऐसी होनी चाहिए, जिससे सभी में सुरक्षा और संरक्षा की भावना पैदा हो। प्राधिकरण ये भी सुनिश्चित करेगा कि समाज के किसी भी वर्ग के किसी भी व्यक्ति को किसी भी प्रकार की ऐसी शरारत करने की अनुमति न दी जाए, जिससे कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
अदालत में सुनवाई के दौरान पुलिस के वकील ने आश्वासन दिया कि 5 मार्च से ही इलाके में पर्याप्त पुलिस कर्मियों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) को तैनात किया गया है। इलाके में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए व्यापक कदम उठाए गए हैं। पुलिस ने अब तक 8,000 से अधिक संदिग्ध लोगों के रिकॉर्ड की जांच की है, ताकि किसी भी संभावित उपद्रवी की पहचान की जा सके।
सोशल मीडिया से हटाई गई पोस्ट
इसके अलावा, सोशल मीडिया पर पैनी नजर रखी जा रही है और अब तक 50 से ज्यादा ऐसी पोस्ट हटाई गई हैं जो सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ सकती थीं।
पुलिस ने बताया कि होली के दौरान दो पड़ोसी परिवारों के बीच पुराने विवाद में हुई हत्या के मामले में एक नाबालिग समेत कई लोगों को पहले ही पकड़ा जा चुका है।
वहीं, याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट नित्या रामकृष्णन ने तर्क दिया कि पुलिस को और अधिक एहतियाती कदम उठाने की जरूरत है। इस पर एएसजी चेतन शर्मा ने अदालत को भरोसा दिलाया कि पुलिस स्थिति का लगातार आकलन कर रही है और जरूरत पड़ने पर बल की संख्या बढ़ाई जाएगी।
" हाईकोर्ट ने कहा कि अगर कोई विशेष घटना होती है, तो पुलिस के पास कानून के तहत सख्त कार्रवाई करने की पूरी शक्ति है। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि दिल्ली में होने वाली छोटी-सी घटना की लहरें दूर तक जाती हैं, इसलिए प्रशासन को पूरी तरह सजग और सजग रहना होगा।
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