बिना वारंट और केस डायरी के आंध्र प्रदेश पुलिस की एक टीम बिहार कैडर के आईपीएस सुनील नायक को गिरफ्तार करने पहुंची थी। हद तो तब हो गई, जब गिरफ्तार करने में कामयाबी भी मिल गई। ट्रांजिट रिमांड के दौरान जब वारंट और केस डायरी मांगा गया तो कागजात को अदालत में पेश नहीं किया गया। इसके बाद कोर्ट ने आईपीएस सुनील नायक को राहत दे दी। दरअसल, पटना में सोमवार को उस समय नाटकीय स्थिति पैदा हो गई, जब आंध्र प्रदेश पुलिस की एक टीम बिहार कैडर के 2005 बैच के IPS अधिकारी एम. सुनील नायक को गिरफ्तार करने उनके आवास पर पहुंची। उन पर आंध्र प्रदेश के पूर्व सांसद के रघुराम कृष्णा राजू के साथ हिरासत में मारपीट और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज है। सुबह से ही उनके आवास पर भारी गहमागहमी देखी गई। मगर, सुनवाई के दौरान कानूनी दस्तावेजों की कमी और तकनीकी खामियों के चलते कोर्ट ने सुनील नायक को बड़ी राहत दी।
बिना वारंट के गिरफ्तारी करने कैसे पहुंची आंध्रा की टीम?
आंध्र प्रदेश पुलिस जब IG सुनील नायक को उनके सरकारी आवास से हिरासत में लेने की प्रक्रिया पूरी कर रही थी, तब कानूनी प्रक्रिया पर सवाल उठे। आरोप लगा कि पुलिस टीम के पास न तो कोई ठोस वारंट था और न ही इस केस से संबंधित पूरी केस डायरी। बचाव पक्ष ने इसे नियमों का उल्लंघन बताते हुए कोर्ट में चुनौती दी, जिसके बाद मामला गरमा गया और आखिरकार बिहार फायर ब्रिगेड के आईजी सुनील नायक को राहत मिली।
ट्रांजिट रिमांड की कोशिशों के दौरान कोर्ट में खुली पोल
पटना सिविल कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान आंध्र पुलिस की टीम पुख्ता दस्तावेज पेश करने में नाकाम रही। कोर्ट ने कहा कि बिना कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किए किसी वरिष्ठ अधिकारी को ट्रांजिट रिमांड पर ले जाना संभव नहीं है। अदालत ने सुनील नायक की अर्जी पर संज्ञान लेते हुए उनकी गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली।
पूरे मामले में सियासी एंगल भी आ रहा सामने
दरअसल, ये पूरा विवाद 2021 का है, जब सुनील नायक आंध्र प्रदेश में CID में तैनात थे। आरोप है कि सुनील नायक के नेतृत्व में पूर्व सांसद के रघुराम कृष्णा राजू की गिरफ्तारी हुई थी, जहां उनके साथ मारपीट की गई। इसी मामले में धारा 307 के तहत केस दर्ज हुआ था। तब आंध्र प्रदेश में वाईएसआर कांग्रेस की सरकार थी और वाईएसआर जगन मोहन रेड्डी मुख्यमंत्री थे। तेलुगू देशम पार्टी (TDP) के नेता रघुराम कृष्णा राजू, तब जगन मोहन रेड्डी के कड़े आलोचकों में थे। अब आंध्र प्रदेश में TDP की सरकार है और चंद्रबाबू नायडू मुख्यमंत्री हैं। साथ ही तब नारसापुर के सांसद रहे रघुराम कृष्णा राजू अब, मौजूदा सरकार में डिप्टी स्पीकर हैं। इन सबके बीच ताजा अदालती राहत ने आंध्र पुलिस की उम्मीदों पर फिलहाल पानी फेर दिया। साथ ही सुनील नायक को बहुत बड़ी रात मिली।
Publish Your Article
Campus Ambassador
Media Partner
Campus Buzz
LatestLaws.com presents: Lexidem Offline Internship Program, 2026
LatestLaws.com presents 'Lexidem Online Internship, 2026', Apply Now!