इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट करने के मामले में कई महीनों से जेल में बंद मुजफ्फरनगर के नदीम को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव लोचन शुक्ला की पीठ ने दिया है।

मुजफ्फरनगर जिले के बुढाना थाने में पुलिस ने आरोपी नदीम के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी। आरोपी ने जमानत के लिए हाईकोर्ट में अर्जी दायर की। याची वकील ने दलील दी कि नदीम को इस मामले में महज एक सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर झूठा फंसाया गया है। वह सात अक्तूबर 2025 से जेल में है। सरकारी वकील ने दलील दी कि आरोपी का स्टेटस सामाजिक शांति बिगाड़ने वाला था।

कोर्ट ने पक्षों को सुनने के बाद पाया कि आरोपी की ओर से पोस्ट किए गए कथित आपत्तिजनक स्टेटस में किसी भी विशेष जाति या समुदाय का नाम स्पष्ट रूप से नहीं लिया गया है। इसके साथ ही अदालत ने आरोपी के बेदाग आपराधिक इतिहास और मामले में चार्जशीट दाखिल होने के बाद मुकदमे की सुनवाई में लगने वाले समय को ध्यान में रखते हुए सशर्त जमानत दे दी।

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