महानगर मजिस्ट्रेट के विनिश्चय के आधारों के कथन पर उच्च न्यायालय द्वारा विचार किया जाना-जब उच्च न्यायालय या सेशन न्यायालय द्वारा किसी महानगर मजिस्ट्रेट का अभिलेख धारा 397 के अधीन मंगाया जाता है तब वह मजिस्ट्रेट अपने विनिश्चय या आदेश के आधारों का और किन्हीं ऐसे तथ्यों का, जिन्हें वह विवाद्यक के लिए तात्त्विक समझता है, वर्णन करने वाला कथन अभिलेख के साथ भेज सकता है और न्यायालय उक्त विनिश्चय या आदेश को उलटने या अपास्त करने से पूर्व ऐसे कथन पर विचार करेगा ।

