भारतीय दंड संहिता की धारा 55 के अनुसार, हर मामले में, जिसमें आजीवन 3[कारावास] का दण्डादेश दिया गया हो, अपराधी की सम्मति के बिना भी 4[समुचित सरकार] उस दण्ड को ऐसी अवधि के लिए, जो चौदह वर्ष से अधिक न हो, दोनों में से किसी भांति के कारावास में लघुकॄत कर सकेगी ।

