विनश्वर संपत्ति को बेचने की शक्ति-यदि ऐसी संपत्ति पर कब्जे का हकदार व्यक्ति अज्ञात या अनुपस्थित है और संपत्ति शीघ्रतया और प्रकृत्या क्षयशील है अथवा यदि उस मजिस्ट्रेट की, जिसे उसके अभिग्रहण की रिपोर्ट की गई है, यह राय है कि उसका विक्रय स्वामी के फायदे के लिए होगा अथवा ऐसी संपत्ति का मूल्य पांच सौ रुपए से कम है तो मजिस्ट्रेट किसी समय भी उसके विक्रय का निदेश दे सकता है और ऐसे विक्रय के शुद्ध आगमों को धारा 457 और 458 के उपबंध यथासाध्य निकटतम रूप से लागू होगे।

