जहाँ छह मास के अन्दर कोई दावेदार हाजिर न हो वहाँ प्रक्रिया-(1) यदि ऐसी अवधि के अन्दर कोई व्यक्ति संपत्ति पर अपना दावा सिद्ध न करे और वह व्यक्ति जिसके कब्जे में ऐसी संपत्ति पाई गई थी, यह दर्शित करने में असमर्थ है कि वह उसके द्वारा वैध रूप से अर्जित की गई थी तो मजिस्ट्रेट आदेश द्वारा निदेश दे सकता है कि ऐसी संपत्ति राज्य सरकार के व्ययनाधीन होगी तथा उस सरकार द्वारा विक्रय की जा सकेगी और ऐसे विक्रय के आगमों के संबंध में ऐसी रीति से कार्यवाही की जा सकेगी जो विहित की जाए।
(2) किसी ऐसे आदेश के विरुद्ध अपील उस न्यायालय में होगी जिसमें मामूली तौर पर मजिस्ट्रेट द्वारा की गई दोषसिद्धि के विरुद्ध अपीलें होती हैं।

