भारतीय दंड संहिता की धारा 57 के अनुसार, दण्डावधियों की भिन्नों की गणना करने में, आजीवन 4[कारावास] को बीस वर्ष के 4[कारावास] के तुल्य गिना जाएगा ।
भारतीय दंड संहिता की धारा 57 के अनुसार, दण्डावधियों की भिन्नों की गणना करने में, आजीवन 4[कारावास] को बीस वर्ष के 4[कारावास] के तुल्य गिना जाएगा ।
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