Citation : 2025 Latest Caselaw 10058 MP
Judgement Date : 9 October, 2025
NEUTRAL CITATION NO. 2025:MPHC-IND:29458
1 FA-362-2015
IN THE HIGH COURT OF MADHYA PRADESH
AT INDORE
BEFORE
HON'BLE SHRI JUSTICE VIVEK RUSIA
&
HON'BLE SHRI JUSTICE BINOD KUMAR DWIVEDI
ON THE 9 th OF OCTOBER, 2025
FIRST APPEAL No. 362 of 2015
DINESH
Versus
KRISHNABAI
Appearance:
Shri Ashish Vyas - Advocate for the appellant.
Shri Manuraj Singh - Advocate for the respondent.
ORDER
Per: Justice Vivek Rusia
Both the parties are present in person.
02. The present appeal has been filed by the appellant-husband against the judgment dated 27.03.2015 passed by the Principal District Judge, Family Court, Rajgarh, District Rajgarh in RCSHM No.67/2014, whereby an application filed by the appellant-husband under Section 13 of the Hindu Marriage Act, 1955 seeking divorce has been dismissed.
03. Both the parties have entered into a settlement, hence jointly filed an
application under Section 13-B of the Hindu Marriage Act, 1955. The terms and conditions are reproduced below:
''अ. यह क, सदर लेख के प ात थमप व तीयप अपना अपना जीवन वतं प से अलग यतीत करगे। थमप ारा दनांक 10/04/2025 को चैक ं . 82321 के ारा पये 1,00,000/- (अ र - एक लाख पये), दनांक 15/05/2025 को चैक ं . 82322 के ारा पये 3,00,000/- (अ र तीन लाख पये), दनांक 27/05/2025 को चैक ं . 82323 के ारा पये 3,50,000/- (अ र तीन लाख पचास हजार पये) एवं दनांक 24/06/2025 को चैक ं . 82324 के ारा पये 3,00,000/-(अ र - तीन लाख पये) तीयप को अपने एवं अपनी पु ी के भरणपोषण हे तु कुल रािश पये 10,50,000/- (अ र दस लाख पचास हजार) तीयप के बक खाता ं . 93989325731 टे ट बक ऑफ इं डया शाखा
NEUTRAL CITATION NO. 2025:MPHC-IND:29458
2 FA-362-2015 खचलीपुर म जमा कर द गई है जो क उ ह ा हो चुक है । इसके प ात उभयप एक दस ू रे के िनजी जीवन म कसी कार क कोई दखलअंदाजी नह ं करगे।
ब. यह क, थमप व तीयप के ारा ववाह के समय दया गया अपना अपना सामान आ द का कोई लेनदे न शेष नह ं है । अब उभयप के म य उ संबंध म कोई ववाद शेष नह ं रहा है ।
स. यह क, थमप के ारा तीयप एवं अपनी पु ी के भरणपोषण हे तु कुल रािश पये 10,50,000/- (अ र दस लाख पचास हजार) चैक के मा यम से अदा कये जा चुके ह, जो क उनके खाते म अंत रत हो चुके ह◌ं, उ रािश के अित र भ व य म कसी कार क कोई भरण पोषण संबंधी कोई करण तीयप ारा थमप के व न लगायेगी और न ह कसी कार का कोई दावा पेश करे गी। उ लेन दे न के प ात तीयप के ारा कसी कार से थमप के व कोई अचल संप के अिधकार मांगने हे तु कोई कायवाह नह ं करगे न ह कोई विधक कायवाह करगे।
द. यह क, थमप व तीयप के म य उपरो करण के अलावा कसी कार का कोई ववाद वतमान म नह ं है । उभयप के ारा भ व य म भी एक दसू रे पर कसी कार का कोई करण सं थत नह ं करगे न ह करने के अिधकार ह गे। य द कसी प ारा कोई भी कायवाह इस संबंध म क गई तो इस लेख के माफत शु य समझी जावे।
इ. यह क, सदर आपसी अनुबंध लेख के प ात उभयप अपना-अपना जीवन वतं प से अलग-अलग यतीत करगे तथा तीयप क चल व अचल संप पर थमप का कोई अिधकार नह ं होगा तथा न ह भ व य म कसी कार का कोई अिधकार या हक थमप जतायेगी। इसी कार तीयप भी थमप पर कसी कार का कोई हक या अिधकार भ व य म नह ं जतायेग। उभयप आपसी सहमित से ववाह व छे द का करण धारा 13-बी ह द ू ववाह अिधिनयम का स म यायालय म तुत कर ववाह व छे द क ड ा करगे।
एफ. यह क, सदर आपसी अनुबंध लेख उभयप के ारा अपनी वतं सहमित से बना कसी धौस दबाव के िन पा दत कया जा रहा है ।
जी. यह क, उभयप के म य कोई दिु भ संधी नह ं है ।''
04. Respondent present in person admits about receipt of Rs.10,50,000/-.
05. In view of the above, the judgment and decree dated 27.03.2015 is set aside. The case of maintenance i.e. MJCR No.126/2012 filed by the respondent-wife is also declared closed. The decree of dissolution of marriage dated 29.01.2001 be passed.
06. With the aforesaid, this First Appeal stands disposed of. Let a decree be drawn accordingly.
(VIVEK RUSIA) (BINOD KUMAR DWIVEDI)
JUDGE JUDGE
Divyansh
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