बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वकील जागृति शुक्ला की मौत के मामले में न्यायिक जांच के आदेश दिए। उनकी मृत्यु के बाद चिकित्सा लापरवाही और निष्पक्ष जांच न होने के आरोप लगाए गए हैं। अदालत ने मामले की जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश अरुण टंडन को नियुक्त किया।
साथ ही, कोर्ट ने वकीलों और डॉक्टरों दोनों को सड़क जाम करने या हड़ताल का सहारा लेने से बचने की सलाह दी। अदालत ने कहा कि इस विवाद का समाधान कानून के अनुसार किया जाना चाहिए, न कि सार्वजनिक जीवन को बाधित करके।
यह मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकालत करने वाली युवा अधिवक्ता जागृति शुक्ला की मौत से संबंधित दो जनहित याचिकाओं से जुड़ा था। 20 मई को एक सड़क दुर्घटना में जागृति शुक्ला गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। उन्हें पहले प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू अस्पतालमें भर्ती कराया गया, जिसके बाद उन्हें संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज, लखनऊ भेजा गया।
याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि उनकी मौत चिकित्सा लापरवाही के कारण हुई। उन्होंने यह भी कहा कि जांच एजेंसियों ने निष्पक्ष जांच नहीं की और मामले में शामिल चिकित्सा कर्मियों को बचाने की कोशिश की गई। यह विवाद तब और बढ़ गया जब वकीलों ने आरोप लगाया कि दुर्घटना के बाद अस्पताल में जागृति शुक्ला को समय पर इलाज नहीं मिला। इस घटना को लेकर व्यापक चिंता व्यक्त की गई और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठी।
न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय और न्यायमूर्ति जस्टिस स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने उनके सामने रखे गए आरोपों पर विचार किया और पाया कि जागृति शुक्ला की मौत से जुड़ी परिस्थितियों की स्वतंत्र न्यायिक जांच कराना उचित होगा।
अदालत ने इस जांच की जिम्मेदारी सेवानिवृत्त न्यायाधीश Arun Tandon को सौंपी। साथ ही, कोर्ट ने इस बात पर भी ध्यान दिया कि इस मामले को लेकर वकीलों और चिकित्सा समुदाय के बीच तनाव की स्थिति पैदा हो गई है।
महत्वपूर्ण रूप से, खंडपीठ ने निर्देश दिया कि वकील सड़क जाम करने का सहारा न लें और डॉक्टर हड़ताल पर न जाएं। अदालत ने अपने समक्ष रखे गए आरोपों पर विचार करते हुए माना कि मामला चिकित्सा लापरवाही के आरोपों और चल रही जांच की निष्पक्षता को लेकर उठी चिंताओं से जुड़ा है।
इन आरोपों की सच्चाई का पता लगाने के लिए कोर्ट ने न्यायिक जांच का आदेश दिया, ताकि मामले के सभी तथ्यों को निष्पक्ष रूप से सामने लाया जा सके।
Source PTI
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