मुंबई के बांद्रा ईस्ट स्थित गरीब नगर में सभी अवैध और अनधिकृत ढांचों को हटाने की कार्रवाई जारी रहेगी। बॉम्बे हाईकोर्ट ने रेलवे को तोड़क कार्रवाई जारी रखने की अनुमति दे दी है। रेलवे की यह कार्रवाई पहले ही चल रही है। कई लोगों ने इस पर रोक लगाने की मांग की थी, लेकिन उनकी मांग को अदालत ने अनसुना कर दिया।
अदालत ने कहा कि 10 अगस्त 2021 और 11 अगस्त 2021 को हुए पहले और दूसरे सर्वे में चिन्हित पात्र झुग्गीवासियों के हितों की पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। इस मामले में दायर याचिकाओं पर अदालत 8 जुलाई 2026 को आगे सुनवाई करेगी।
रेलवे ट्रैक के पास हो रही कार्रवाई
रेलवे द्वारा की जा रही तोड़फोड़ की कार्रवाई को अदालत ने जायज ठहराया है और इसे जारी रखने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने साफ किया है कि अगस्त 2021 में हुए सर्वेक्षण (सर्वे) में चिह्नित पात्र झुग्गीवासियों को बेघर न किया जाए और उनके हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। रेलवे ट्रैक के पास के उन अवैध ढांचों को हटाया जा रहा है, जिन्हें अतिक्रमण के रूप में पाया गया है। इस मामले में अगली सुनवाई 8 जुलाई 2026 को होनी है।
44 एकड़ में पुनर्विकास की मंजूरी
सुप्रीम कोर्ट ने बांद्रा के भारत नगर में 44 एकड़ क्षेत्र में पुनर्विकास की मंजूरी दी है, जिससे 7,000 से ज्यादा परिवारों का पुनर्वास होगा। महाराष्ट्र में पहले पुनर्विकास परियोजनाओं के लिए झुग्गीवासियों की सहमति जरूरी थी, लेकिन अब सरकार इसे हटा लिया है। अब प्रशासन बिना झुग्गीवासियों की अनुमति लिए विकास कार्य शुरू कर सकता है और झुग्गियों को उनकी जगह से हटा सकता है। इससे बांद्रा सहित मुंबई भर में परियोजनाओं की गति तेज हो गई है। पश्चिमी रेलवे ने बांद्रा टर्मिनस के पास की अवैध बस्तियों को ध्वस्त कर वहां फेंसिंग शुरू कर दी है।
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