सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान विधवा से विवाह से पहले लिव-इन रिलेशनशिप में जाने पर सवाल उठाया। यह मामला विवाह के झूठे वादे पर बलात्कार के आरोप से जुड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार, जस्टिस बीवी नागरत्ना ने टिप्पणी की, 'वह उसके साथ रहने क्यों चली गई विवाह से पहले? देखिए, जब हम ये सवाल पूछते हैं तो कहा जाता है कि हम विक्टिम शेमिंग कर रहे हैं, ये क्या है?' आरोपी के वकील ने तर्क दिया कि शिकायतकर्ता उस समय कमजोर स्थिति में थी। उन्होंने कहा, 'जब वह महज 18 साल की युवा विधवा थी, तब वह उससे मिला। उसने उसे विवाह का वादा किया।'

यह मामला एक व्यक्ति की जमानत याचिका से संबंधित है, जिस पर शिकायतकर्ता के साथ विवाह के आश्वासन पर संबंध बनाने का आरोप है। कोर्ट की ये टिप्पणियां इस साल की शुरुआत में की गई टिप्पणियों से मिलती-जुलती हैं। फरवरी में एक अलग मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस नागरत्ना ने विवाह से पहले संबंधों में सतर्कता बरतने की बात कही थी।

'विवाह से पहले शारीरिक संबंध कैसे बनाए'

एक अन्य बलात्कार मामले में जमानत याचिका सुनते हुए जस्टिस नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुयान की बेंच ने कहा था, 'शायद हम पुराने विचारों वाले हैं, लेकिन विवाह से पहले लड़का और लड़की अजनबी होते हैं।' रिपोर्ट के अनुसार, बेंच ने विवाह के झूठे वादे पर बलात्कार के आरोप वाले मामले में प्री-मैरिटल संबंधों की प्रकृति पर सवाल उठाया। जज ने कहा, 'चाहे उनका संबंध कितना भी गहरा क्यों न हो, हम समझ नहीं पाते कि वे विवाह से पहले शारीरिक संबंध कैसे बना सकते हैं। आपको बहुत सावधान रहना चाहिए, विवाह से पहले किसी पर भी भरोसा नहीं करना चाहिए।'

शिकायतकर्ता ने 2022 में एक मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म पर आरोपी से मुलाकात की। आरोपी पर आरोप है कि उसने विवाह के आश्वासन पर दिल्ली और बाद में दुबई में बार-बार शारीरिक संबंध बनाए। महिला ने आरोप लगाया कि आरोपी के कहने पर वह दुबई गई, जहां उसने न केवल संबंध जारी रखे बल्कि बिना सहमति के अंतरंग वीडियो भी रिकॉर्ड किए। बाद में उसने विरोध करने पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी। बाद में महिला को पता चला कि आरोपी ने 19 जनवरी 2024 को पंजाब में दूसरी शादी कर ली थी।

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