I-PAC पर ED की रेड मामले में सीएम ममता बनर्जी के दखल को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक बड़ी टिप्पणी की है। सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर सवाल उठाते हुए कहा है कि उन्होंने रेड के बीच दखल देकर सिस्टम को ही खतरे में डाल दिया है। कोर्ट ने आगे कहा कि ये कोई केंद्र और राज्य का झगड़ा नहीं है। हमने कभी नहीं सोचा था कि देश में ऐसा दिन भी आएगा। मामले की सुनवाई के दौरान जब ममता बनर्जी की तरफ से पेश सीनियर एडवोकेट मेनका गुरुस्वामी ने राज्य और केंद्र के बीच के एक मामले का हवाला देते हुए कहा कि ED को SC के सामने मौलिक अधिकार लागू करने की अर्जी दाखिल करने का अधिकार नहीं है, तो जस्टिस मिश्रा ने इसपर अपनी टिप्पणी की।
'यह केंद्र और राज्य के बीच का मामला नहीं है'
जस्टिस मिश्रा ने कहा कि यह केंद्र और राज्य के बीच का मामला नहीं है।यहां राज्य का कौन सा अधिकार शामिल है? यहां एक ऐसा मामला है जहां एक व्यक्ति जो राज्य का CM है, जांच के बीच में एक जगह चला जाता है, जिससे लोकतंत्र खतरे में पड़ जाता है।आप इसे राज्य और केंद्र सरकार के बीच का झगड़ा नहीं कह सकते। SG मेहता (ED के लिए) दोष साबित करने वाले सबूत छीन लिए गए।
'आपने सिस्टम को ही खतरे में डाल दिया है'
जस्टिस मिश्रा पूरे सिस्टम को खतरे में डाल दिया गया था। हमने कभी नहीं सोचा था कि इस देश में ऐसा दिन आएगा जब कोई मौजूदा CM ऐसी जगह पर घुस जाएगा जहां एक जांच एजेंसी जांच कर रही हो।आप कहते हैं कि यह राज्य और केंद्र के बीच का झगड़ा है ? पश्चिम बंगाल की ओर से वरिष्ठ वकील मेनका गुरुस्वामी ने कहा कि हम अभी भी सुनवाई योग्य होने पर हैं । ये याचिका सुनवाई योग्य नहीं है।SG दिखावा कर रहे हैं।जब हम फैक्ट्स पर आएंगे तो हम निश्चित रूप से अदालत को मना लेंगे। इस दिखावे की कोर्टरूम में कोई जगह नहीं है।
आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) ने अपने सभी ऑपरेशन रोक दिए है। आईपैक के एक इंटरनल मेल से इस बात की पुष्टि हुई है। इस इंटरनेल मेल में कुछ कानूनी मुद्दों का हवाला देते हुए लिखा गया कि मैनेजमेंट ने बंगाल में अपने सभी ऑपरेशन को 20 दिनों के लिए रोकने का फैसला लिया है। मालूम हो कि आईपैक बंगाल में सीएम ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस का चुनाव प्रचार संभालने में जुटी थी।
पश्चिम बंगाल में कुछ दिनों बाद विधानसभा चुनाव होना है। इससे पहले टीएमसी का चुनाव प्रचार अभियान देखने वाली कंपनी का अपने सारे ऑपरेशन रोकना एक बड़ी बात मानी जा रही है। मालूम हो कि राज्य में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होना है।
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