हाईकोर्ट ने कांचीपुरम जिला कलेक्टर को चार सप्ताह के भीतर सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से बने चर्च को ध्वस्त करने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति एसएम सुब्रमण्यम की पीठ ने कलेक्टर को स्थानीय आरडीओ और तहसीलदार के खिलाफ कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही और चूक के संबंध में जांच करने का निर्देश भी दिया। इसके साथ ही जांच के आधार पर सभी दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई का भी निर्देश दिया।

श्मशान भूमि पर पादरी ने जबरन बनाया चर्च
अदालत ने यह निर्देश एम मुरुगेसन की तरफ से दायर एक याचिका पर सुनवाई के दौरान दी, जिसमें उन्होंने संबंधित अधिकारियों से पेन्नालुर गांव में भूमि को ‘मायनाम’ (श्मशान भूमि) के रूप में बनाए रखने का निर्देश देने की मांग की थी।दस्तावेजों की समीक्षा और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने पाया कि पादरी सी साथ्रैक ने ग्रामीणों के विरोध और स्थानीय अधिकारियों की चेतावनी के बाद भी सरकारी भूमि पर अतिक्त्रस्मण चर्च बनाया। अदालत ने कलेक्टर को स्थानीय पंचायत की तरफ से अवैध तरीके से पारित प्रस्ताव के संबंध में जांच कर दोषियों के खिलाफ उपयुक्त कार्रवाई का भी निर्देश दिया।

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