जूनियर डॉक्टर्स की हड़ताल को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका पर आज चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने एक बार फिर सुनवाई की. इस दौरान जूडा ने अपने जवाब में स्पष्ट किया कि वे हड़ताल वापस लेकर काम पर लौट गए हैं. जूडा ने कहा कि जनहित में डॉक्टरों ने हड़ताल समाप्त कर दिया है, इसलिए मेडिकल कॉलेजों में इन जूनियर डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई के जो नोटिस दिए गए थे, उन्हें वापस ले लिया जाए.

अदालत में जूडा की तरफ से कहा गया कि न्यायपालिका के सम्मान और जनता के हित को ध्यान में रखते हुए जूडा ने हड़ताल वापस ली है. जूडा ने कोर्ट से निवेदन किया कि मेडिकल कॉलेजों के डीन ने जूडा से जुड़े डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन रद्द करने के नोटिस दिए हैं, ये सभी नोटिस वापस लिए जाएं. हाईकोर्ट ने सरकार समेत जूनियर डॉक्टर्स के जवाब को रिकॉर्ड में लेते हुए मामले की अगली सुनवाई 9 जून को तय की है.

इस बीच हाईकोर्ट की अवमानना को लेकर दायर अन्य याचिका पर सुनवाई करने से आज अदालत ने इनकार कर दिया. हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले पर मंगलवार को सुनवाई की जाएगी. गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने 3 जून को सुनवाई करते हुए जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल को अवैध घोषित किया था. साथ ही जूनियर डॉक्टरों को 24 घंटों के भीतर काम पर वापस लौटने के आदेश दिए थे. लेकिन 1 जून से लगातार जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर थे और आज उन्होंने अपनी हड़ताल वापस ली है. बहरहाल, निर्देशों के तहत हाईकोर्ट की अवमानना जूनियर डाॅक्टर कर बैठे हैं, ऐसे में हाईकोर्ट क्या उनके प्रति नरम रुख रखता है यह कल की सुनवाई में स्पष्ट होगा.

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