ग्वालियर। हाई कोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से उन अधिवक्ताओं को सहायता दी जाएगी, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। कोविड-19 के संक्रमण की वजह से कई अधिवक्ताओं की आमदनी बंद हो गई है। ऐसे अधिवक्ता वाट्सएप नंबर पर आवेदन का प्रारूप प्राप्त कर सकते हैं।
कोविड-19 की वजह से न्यायालय बंद हो गए हैं। ऐसे में जरूरी केस ही सुने जा रहे हैं, जिससे वकीलों की आमदानी बंद हो गई है। हाई कोर्ट की जमानतों में लगाई गई शर्तों की वजह से बार के खाते में 22 लाख रुपये जमा हुए हैं। इस पैसे को वकीलों की मदद में बांटा जाना है। बार अध्यक्ष एमपीएस रघुवंशी ने आर्थिक सहायता वितरण के लिए एक उप समिति बनाई है। पहले ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। जरूरतमंद अधिवक्ता 8839573656 व 9993531311 वाट्सएप नंबर पर मैसेज भेजकर आवेदन पत्र मंगवा सकते हैं। अधिवक्ता इस आवेदन पत्र को ऑनलाइन जमा कर सकते हैं या दोपहर 2:30 बजे से 5 बजे के बीच जिला कोर्ट स्थित बार के कार्यालय में जमा कर सकते हैं। ई-मेल आइडी पर भी आनलाइन आवेदन भेज सकते हैं। हाई कोर्ट बार एसेसिएशन के अध्यक्ष एमपीएस रघुवंशी का कहना है कि जो आवेदन आएंगे, उनका उप समिति परीक्षण करेगी। परीक्षण के बाद तय किया जाएगा कि वकील आर्थिक सहायता के लिए जरूरतमंद है या नहीं।
वकीलों के लिए एमपीसीटी कॉलेज में 50 बेड का क्वारंटाइन सेंटर तैयारः एमपीसीटी कालेज में वकील व उनके स्वजनों के लिए 50 बेड का क्वारंटाइन सेंटर बनाया गया है। इसका उद्घाटन 25 अप्रैल को केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर करेंगे। हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एमपीएस रघुवंशी ने बताया कि शहर के अस्पतालों में पलंग का संकट हो गया है। ऐसी स्थिति में वकीलों व उनके परिजनों को इलाज में काफी दिक्कत आ रही है। सरकारी अस्पतालों में बेड नहीं मिल पा रहे हैं। इसे ध्यान में रखते हुए वकीलों के लिए एमपीसीटी कालेज के राम सिंह धाकरे मेमोरियल धनवंतरी मल्टी स्पेशियलिटी हास्पिटल में क्वारंटाइन सेंटर बनाया गया है। यहां पर कोरोना पाजिटिव वकील व उनके स्वजनों को इलाज के लिए भर्ती किया जाएगा। इसमें ऑक्सीजन, डाक्टर व पैरा मेडिकल स्टाफ की भी व्यवस्था की गई है। इसमें वकीलों सहित न्यायिक अधिकारियों के इलाज को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
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