कोरोना (Corona) के चलते सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के द्वारा अपने यहां गर्मियों की छुट्टियां कम करने का निर्णय लेने के तीन दिन बाद ही राजस्थान हाईकोर्ट ने भी अपने समर वैकेशन को आधा कर दिया है. हाईकोर्ट कैलेंडर के अनुसार पहले 1 जून से 28 जून तक हाईकोर्ट में समर वैकेशन प्रस्तावित था, जो अब 15 जून से शुरू होगा. बता दें, कोरोना महामारी के चलते राजस्थान हाईकोर्ट में 25 मार्च से नियमित सुनवाई बंद है. हाईकोर्ट केवल जरूरी मामलों में ही सुनवाई कर रहा है. ऐसे में लगातार हाई कोर्ट पर मामलों का बोझ बढ़ रहा है.
वहीं पक्षकारों को भी समुचित न्याय नहीं मिल पा रहा है. ऐसे में 16 मई को हुई हाईकोर्ट पूर्णपीठ की बैठक में समर वैकेशन को कम करने का फैसला हुआ, जिसके बाद सोमवार को हाईकोर्ट प्रशासन ने इसके आदेश भी जारी कर दिए. इसके साथ ही इस दौरान हाई कोर्ट रजिस्ट्री के अधिकारी और कर्मचारियों को मिलने वाली 10 दिन की स्पेशल लीव को भी निरस्त कर दिया गया है.
आधा दर्जन हाईकोर्ट कर चुके हैं छुट्टियां निरस्त
राजस्थान हाईकोर्ट से पहले देश के आधा दर्जन हाई कोर्ट कोरोना के चलते हुए काम के नुकसान की भरपाई को लेकर अपने यहां समर वैकेशन को पूरी तरह से निरस्त कर चुके हैं. इसमें सबसे पहले 7 अप्रेल को तेलंगाना हाईकोर्ट, 9 अप्रैल को दिल्ली हाईकोर्ट, 20 अप्रेल को मद्रास हाईकोर्ट, 8 मई को झारखंड हाईकोर्ट और अन्य हाईकोर्ट शामिल हैं.
हाईकोर्ट में चल रहे करीब 5 लाख मामले पेंडिंग
राजस्थान हाई कोर्ट शुरू से ही जजों की कमी से जूझता आया है, जिसके चलते यहां लंबित मामलों का अंबार लगा रहता है. वहीं अब कोरोना के चलते नियमित सुनवाई नहीं होने से मामलों के निस्तारण में कमी आई है. यही वजह है कि अप्रैल माह तक हाईकोर्ट में कुल 4 लाख 80 हॉजार 732 मामले पेंडिंग हैं. इसमें सिविल नेचर के 3 लाख 57 हजार 705 मामले और क्रिमिनल नेचर के कुल 1 लाख 23 हजार 27 मामले लंबित हैं.
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