(1) राष्ट्रपति, 1[किसी राज्य] 2[या संघ राज्यक्षेत्र] के संबंध में और जहाँ वह 3*** राज्य है वहाँ उसके राज्यपाल से 4*** परामर्श करने के पश्चात् 5लोक अधिसूचना द्वारा, उन जनजातियों या जनजाति समुदायों अथवा जनजातियों या जनजाति समुदायों के भागों या उनमें के यूथों को विनिर्दिष्ट कर सकेगा, जिन्हें इस संविधान के प्रयोजनों के लिए, 2[यथास्थिति] उस राज्य 2[या संघ राज्यक्षेत्र] के संबंध में अनुसूचित जनजातियाँ समझा जाएगा।
(2) संसद, विधि द्वारा, किसी जनजाति या जनजाति समुदाय को अथवा किसी जनजाति या जनजाति समुदाय के भाग या उसमें के यूथ को खंड (1) के अधीन निकाली गई अधिसूचना में विनिर्दिष्ट अनुसूचित जनजातियों की सूची में सम्मिलित कर सकेगी या उसमें से अपवर्जित कर सकेगी, किन्तु जैसा ऊपर कहा गया है उसके सिवाय उक्त खंड के अधीन निकाली गई अधिसूचना में किसी पश्चात्वर्ती अधिसूचना द्वारा परिवर्तन नहीं किया जाएगा।
1 संविधान (पहला संशोधन) अधिनियम, 1951 की धारा 11 द्वारा ''राज्य के राज्यपाल या राजप्रमुख से परामर्श करने के पश्चात्'' के स्थान पर प्रतिस्थापित।
2 संविधान (सातवाँ संशोधन) अधिनियम, 1956 की धारा 29 और अनुसूची द्वारा अंतःस्थापित।
3 संविधान (सातवाँ संशोधन) अधिनियम, 1956 की धारा 29 और अनुसूची द्वारा ''पहली अनुसूची के भाग क या भाग ख में विनिर्दिष्ट'' शब्दों और अक्षरों का लोप किया गया।
4 संविधान (सातवाँ संशोधन) अधिनियम, 1956 की धारा 29 और अनुसूची द्वारा ''या राजप्रमुख'' शब्दों का लोप किया गया।
5 संविधान (अऩुसूचित जनजातियाँ) आदेश, 1950 (सं.आ. 22), संविधान (अनुसूचित जनजातियाँ)
(संघ राज्यक्षेत्र) आदेश, 1951 (सं.आ. 33), संविधान (अंडमान और निकोबार द्वीप) अनुसूचित जनजातियाँ आदेश, 1959 (सं.आ. 58). संविधान (दादरा और नागर हवेली) अनुसूचित जनजातियाँ आदेश, 1962 (सं.आ. 65), संविधान (अनुसूचित जनजातियाँ) (उत्तर प्रदेश) आदेश, 1967 (सं.आ.78). संविधान (गोवा, दमण और दीव) अनुसूचित जनजातियाँ आदेश, 1968 (सं.आ. 82), संविधान (नागालैंड) अनुसूचित जनजातियाँ आदेश, 1970 (सं.आ. 88) और संविधान (सिक्किम) अनुसूचित जनजातियाँ आदेश, 1978 (सं.आ. 111) देखिए

