भारतीय दंड संहिता की धारा 460 के अनुसार, यदि रात्रौ प्रच्छन्न गॄह-अतिचार या रात्रौ गॄह-भेदन करते समय ऐसे अपराध का दोषी कोई व्यक्ति स्वेच्छया किसी व्यक्ति की मॄत्यु या घोर उपहति कारित करेगा या मॄत्यु या घोर उपहति कारित करने का प्रयत्न करेगा, तो ऐसे रात्रौ प्रच्छन्न गॄह-अतिचार या रात्रौ गॄह-भेदन करने में संयुक्ततः सम्पॄक्त हर व्यक्ति, 1[आजीवन कारावास] से, या दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा ।
| अपराध | सजा | संज्ञेय | जमानत | विचारणीय |
|---|---|---|---|---|
| रात तक घर तोड़ने आदि में संयुक्त रूप से संबंधित कई व्यक्तियों में से एक की मौत या गंभीर चोट | आजीवन कारावास या 10 साल + जुर्माना | संज्ञेय | गैर जमानतीय | सत्र न्यायालय |

