भारतीय दंड संहिता की धारा 459 के अनुसार, जो कोई प्रच्छन्न गॄह-अतिचार या गॄह-भेदन करते समय किसी व्यक्ति को घोर उपहति कारित करेगा या किसी व्यक्ति की मॄत्यु या घोर उपहति कारित करने का प्रयत्न करेगा, वह 1[आजीवन कारावास] से, या दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा ।
| अपराध | सजा | संज्ञेय | जमानत | विचारणीय |
|---|---|---|---|---|
| गुप्त घर-अतिचार या घर तोड़ने के दौरान गंभीर चोट का कारण बना | आजीवन कारावास या 10 साल + जुर्माना | संज्ञेय | गैर जमानतीय | सत्र न्यायालय |

