जब कि परक्राम्य लिखत का रचयिता या धारक ऐसे रचयिता के रूप में हस्ताक्षर करने से अन्यथा, परक्रामण के प्रयोजन के लिए उसके पृष्ठ पर या मुख-भाग पर या उससे उपाबद्ध कागज की परची पर हस्ताक्षर करता है या परक्राम्य लिखत के रूप में पूर्ति किए जाने के लिए आशयित स्टाम्प-पत्र पर उसी प्रयोजन के लिए ऐसे हस्ताक्षर करता है तब यह कहा जाता है कि वह उसे पृष्ठांकित करता है और वह पृष्ठांकक कहलाता है ।