व्यावृत्ति-(1) धारा 426 या धारा 427 की कोई बात किसी व्यक्ति को उस दण्ड के किसी भाग से क्षम्य करने वाली न समझी जाएगी जिसका वह अपनी पूर्व या पश्चात्वर्ती दोषसिद्धि पर भागी है।
(2) जब जुर्माना देने में व्यतिक्रम होने पर कारावास का अधिनिर्णय कारावास के मुख्य दण्डादेश के साथ उपाबद्ध है और दण्डादेश भोगने वाले व्यक्ति को उसके निष्पादन के पश्चात् कारावास के अतिरिक्त मुख्य दण्डादेश या अतिरिक्त मुख्य दण्डादेशों को भोगना है तब जुर्माना देने में व्यतिक्रम होने पर कारावास का अधिनिर्णय तब तक क्रियान्वित न किया जाएगा जब तक वह व्यक्ति अतिरिक्त दण्डादेश या दण्डादेशों को भुगत न चुका हो ।

