ऐसे मामलों में और जब तामील करने वाला अधिकारी उपस्थित न हो तब तामील का सबूत-(1) जब न्यायालय द्वारा जारी किए गए समन की तामील उसकी स्थानीय अधिकारिता के बाहर की गई है तब और ऐसे किसी मामले में जिसमें वह अधिकारी जिसने समन की तामील की है, मामले की सुनवाई के समय उपस्थित नहीं है, मजिस्ट्रेट के समक्ष किया गया तात्पर्यित यह शपथपत्र कि ऐसे समन की तामील हो गई है और समन की दूसरी प्रति, जिसका उस व्यक्ति द्वारा जिसको समन परिदत्त या निविदत्त किया गया था, या जिसके पास वह छोड़ा गया था (धारा 62 या धारा 64 में उपबंधित प्रकार से), पृष्ठांकित होना तात्पर्यित है, साक्ष्य में ग्राह्य होगी और जब तक तत्प्रतिकूल साबित न किया जाए, उसमें किए गए कथन सही माने जाएंगे ।
(2) इस धारा में वर्णित शपथपत्र समन की दूसरी प्रति से संलग्न किया जा सकता है और उस न्यायालय को भेजा जा सकता है ।

