जब पूर्व उपबंधित प्रकार से तामील न की जा सके तब प्रक्रिया-यदि धारा 62, धारा 63 या धारा 64 में उपबंधित रूप से तामील सम्यक् तत्परता बरतने पर भी न की जा सके तो तामील करने वाला अधिकारी समन की दो प्रतियों में से एक को उस गृह या वासस्थान के, जिसमें समन किया गया व्यक्ति मामूली तौर पर निवास करता है, किसी सहजदृश्य भाग में लगाएगा ; और तब न्यायालय ऐसी जांच करने के पश्चात् जैसी वह ठीक समझे या तो यह घोषित कर सकता है कि समन की सम्यक् तामील हो गई है या वह ऐसी रीति से नई तामील का आदेश दे सकता है जिसे वह उचित समझे ।

