बलात्संग के अपराधी व्यक्ति की चिकित्सा-व्यवसायी द्वारा परीक्षा-(1) जब किसी व्यक्ति को बलात्संग या बलात्संग का प्रयत्न करने का अपराध करने के आरोप में गिरफ्तार किया जाता है और यह विश्वास करने के उचित आधार हैं कि उस व्यक्ति की परीक्षा से ऐसा अपराध करने के बारे में साक्ष्य प्राप्त होगा तो सरकार द्वारा या किसी स्थानीय प्राधिकारी द्वारा चलाए जा रहे अस्पताल में नियोजित किसी रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा-व्यवसायी के लिए और उस स्थान से जहां अपराध किया गया है, सोलह किलोमीटर की परिधि के भीतर ऐसे चिकित्सा-व्यवसायी की अनुपस्थिति में ऐसे पुलिस अधिकारी के निवेदन पर, जो उप निरीक्षक की पंक्ति से नीचे का न हो, किसी अन्य रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा-व्यवसायी के लिए, तथा सद्भावपूर्वक उसकी सहायता के लिए तथा उसके निदेश के अधीन कार्य कर रहे किसी व्यक्ति के लिए, ऐसे गिरफ्तार व्यक्ति की ऐसी परीक्षा करना और उस प्रयोजन के लिए उतनी शक्ति का प्रयोग करना जितनी युक्तियुक्त रूप से आवश्यक हो, विधिपूर्ण होगा ।
(2) ऐसी परीक्षा करने वाला रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा-व्यवसायी ऐसे व्यक्ति की बिना विलंब के परीक्षा करेगा और उसकी परीक्षा की एक रिपोर्ट तैयार करेगा, जिसमें निम्नलिखित विशिष्टियां दी जाएंगी, अर्थात् :-
(i) अभियुक्त और उस व्यक्ति का, जो उसे लाया है, नाम और पता ;
(ii) अभियुक्त की आयु ;
(iii) अभियुक्त के शरीर पर क्षति के निशान, यदि कोई हों ;
(iv) डी.एन.ए. प्रोफाइल करने के लिए अभियुक्त के शरीर से ली गई सामग्री का वर्णन ; और
(v) उचित ब्यौरे सहित, अन्य तात्त्विक विशिष्टियां ।
(3) रिपोर्ट में संक्षेप में वे कारण अधिकथित किए जाएंगे, जिनसे प्रत्येक निष्कर्ष निकाला गया है ।
(4) परीक्षा प्रारंभ और समाप्ति करने का सही समय भी रिपोर्ट में अंकित किया जाएगा ।
(5) रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा-व्यवसायी, बिना विलंब के अन्वेषण अधिकारी को रिपोर्ट भेजेगा, जो उसे धारा 173 में निर्दिष्ट मजिस्ट्रेट को उस धारा की उपधारा (5) के खंड (क) में निर्दिष्ट दस्तावेजों के भागरूप में भेजेगा ।]

