राजस्थान का कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल करीब दो साल पहले एक एनकाउंटर में मारा गया था. लेकिन उसके खिलाफ अभी भी कई मुकदमे चल रहे हैं. ऐसे ही एक मामले में अदालत ने फैसला सुनाया तो सब हैरान रह गए. आनंदपाल समेत 6 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई. हैरानी की बात है कि इस सजा को सुनने के लिए गैंगस्टर आनंदपाल समेत तीन दोषी अब जिंदा ही नहीं हैं. एक वक्त में आनंदपाल सिंह का खौफ इस कदर था कि पुलिसवाले भी उसके नाम से कांपने लगते थे.
गैंगस्टर आनंदपाल के सिर पर 5 लाख का इनाम था. पुलिस ने आनंदपाल सिंह का एक ऐसा किला खोज निकाला था, जो किसी फिल्मी खलनायक के किले से कम नहीं था. सुनसान खेतों के बीच बने एक फार्महाउस को आनंद पाल ने किले का रूप दे रखा था. एक ऐसा किला जहां दुश्मनों से लोहा लेने के लिए बंकर बने हुए थे. दुश्मनों पर पर गोली चलाने के लिए दीवारों में छेद भी बनाए गए थे.
पुलिस ने कुर्क की थी करोड़ों की संपत्ति
राजस्थान पुलिस ने गैंगस्टर आनंदपाल पर दबाव बनाने के लिए करीब उसकी 150 करोड़ से ज्यादा की बेनामी जमीनें कुर्क की थीं. इसके बाद पुलिस की गिरफ्त में आ चुके आनंदपाल के साथियों की निशानदेही पर पुलिस ने इस किले को खोजकर सरकारी संपत्ति घोषित कर दिया था और उस पर सील लगा दी थी.
फिल्मों जैसा था गैंगस्टर का किला
जैसे-जैसे पुलिस आनंदपाल के करीब पहुंच रही थी, वैसे-वैसे पुलिस को हर रोज आनंदपाल से जुड़ी नई जानकारी मिल रही थीं. पुलिस भी नागौर के लाडनू स्थित फार्म हाउस पर आनंदपाल के उस किले को देखकर हैरान रह गई थी, ऐसा किला लोगों ने इससे पहले केवल फिल्मों में देखा था. आनंदपाल का वो फार्म हाउस 9 बीघा जमीन पर बना हुआ था.
पुलिस से बचने के लिए बनाए थे बंकर
पुलिस ने सील करने से पहले किले की तलाशी ली तो पुलिस अधिकारियों के होश फाख्ता हो गए. पुलिस की नजरों से बचने के लिए आनंदपाल ने इसे एक पुराने किले का रूप दिया है. इस किले में पुलिस या दुश्मनों से टकराने के लिए बंकर बनाए गए हैं. दुश्मनों पर गोलियां चलाने के लिए पत्थरों से बनी दीवारों में छेद बनाए गए हैं.
तहखाने में मिला था लोहे का पिंजरा
उस फार्म हाउस के तहखाने के भीतर एक ओर तहखाना मिला था. उस तहखाने में लोहे का एक ऐसा पिंजरा बरामद हुआ था, जिसमें संभवतः आनंदपाल अपने दुश्मनों को यातना देने के इरादे से कैद करता होगा, या फिर फिरौती के लिए लाए गए लोगों को इस पिंजरे में रखा जाता होगा.
प्रेमिका के साथ किले में रहता था आनंदपाल
राजस्थान एसओजी के अधिकारियों ने बताया था कि आनंदपाल ज्यादातर जमीनों पर अवैध कब्जा करवाता था और जबरन लोगों की जमीनें खरीदता था. विरोध करने पर उन्हें इसी किले में यातनाएं दी जाती थी. उन्होंने आगे बताया कि फरारी के दौरान आनंदपाल अपनी प्रेमिका के साथ यहां रह चुका है.
दलित महिला के नाम पर था फार्महाउस
वहीं दस्तावेजों के आधार पर यह फार्महाउस सीता देवी हरिजन नामक एक दलित महिला के नाम पर था. मगर पुलिस ने जब उनसे पूछताछ की तो उन्होंने इसकी जानकारी होने से साफ इंकार कर दिया था.
पुलिस पर कराए हमले
पुलिस ने आनंदपाल के फरार होने के बाद उसके कई गुर्गों पर नकेल कसी थी. आनंदपाल और उसका सगा भाई रूपेंद्रपाल अब भी पुलिस की पहुंच से बाहर था. लेकिन आनंदपाल ने फरार होने के बाद भी पुलिस की नाक में दम कर रखा था. उसने पुलिस पर कई हमले भी करवाए थे.
ऐसे मारा गया था आनंदपाल
जून 2017 में राजस्थान के सालासर में पुलिस ने एनकाउंटर के दौरान गैंगस्टर आनंदपाल को मार गिराया था. मुठभेड़ के दौरान आनंदपाल और उसके दो साथियों ने AK 47 समेत अन्य हथियारों से पुलिस पर करीब 100 राउंड फायर किए थे. इस दौरान आनंदपाल को 6 गोलियां लगी थीं. इस मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे.
दरअसल, पुलिस को आनंदपाल के साथियों ने ही बताया था कि वह सालासर में छुपा हुआ है. एसओजी ने आनंदपाल के दो भाइयों देवेंद्र उर्फ गुट्टू और विक्की को हरियाणा के सिरसा से गिरफ्तार किया था. दोनों से पूछताछ में पता चला कि आनंदपाल सालासर में श्रवण सिंह नामक शख्स के घर में छिपा हुआ है. आनंदपाल 2 दिन पहले ही वहां पहुंचा था. खबर पुख्ता होने के बाद एसओजी ने घेराबंदी कर आनंदपाल को पकड़ने की कोशिश की. पुलिस टीम इससे पहले कुछ समझ पाती आनंदपाल ने घर की छत से पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी. एसओजी ने भी जवाबी कार्रवाई में फायरिंग की. गोलीबारी में आनंदपाल मारा गया. उसे 6 गोलियां लगीं थीं.
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