रेप के आरोप में घिरे दाती महाराज को सुप्रीम कोर्ट में राहत नहीं मिली है. दरअसल, दाती महाराज ने दिल्ली हाईकोर्ट के 3 अक्टूबर के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें हाईकोर्ट ने दाती महाराज के खिलाफ रेप मामले की जांच दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच से सीबीआई के हवाले कर दिया था. लेकिन अब कोर्ट का रुख देखते हुए उन्होंने याचिका भी वापस ले ली है. आपको बता दें कि 3 अक्टूबर को पीड़िता की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले को दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच से सीबीआई को ट्रांसफर करने का आदेश दिया था.सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि रेप के मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का हाईकोर्ट का फैसला अंतरिम है न कि अंतिम है. याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट में बहस करना चाहिए. आपको बता दें कि इस मामले में दिल्ली पुलिस ने सबूत न मिलने की बात कहकर क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने की बात कही थी इस पर पीड़िता ने हाईकोर्ट में याचिका देकर सीबीआई से जांच कराने की गुहार लगाई थी. उस पर हाईकोर्ट ने आगे की जांच सीबीआई को सौंप दी थी.

हाईकोर्ट ने सीबीआई को दोबारा जांच कर सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर करने का भी निर्देश दिया था. हाईकोर्ट ने दाती महाराज की गिरफ्तारी न होने पर दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच को फटकार भी लगाई थी. पीड़िता ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर सीबीआइ जांच और दाती की गिरफ्तारी की मांग की थी.

क्या है पूरा मामला आपको बता दें कि पीड़ित लड़की ने आरोप लगाए थे कि वह 2005 में अपने परिवार के साथ दाती मदनलाल राजस्थानी के संपर्क में आई. उसके बाद वह आश्रम में ही रहने लगी और पढ़ाई का खर्च भी महाराज उठाने लगा. दो साल पहले 9 नवरी 2016 को चरण सेवा के नाम पर दिल्ली के फतेहपुर बेरी इलाके के शनिधाम आश्रम में उसका रेप किया गया.

 

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