फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) प्रशासन ने देशद्रोह के आरोपी कश्मीर के दोनो शोध छात्रों का निलंबन वापस ले लिया है. बताया गया कि इनके खिलाफ कोई भी साक्ष्य नहीं मिला है. इसके अलावा चार छात्रों को दिया गया कारण बताओ नोटिस भी वापस ले लिया गया है. मीडिया से बातचीत करते हुए अलीगढ़ के वीसी प्रो. तारिक मंसूर ने इस बात के संकेत दिए हैं. कश्मीर के तीन छात्रों पर आतंकी मन्नान वानी के लिए प्रार्थना आयोजित करने को लेकर देशद्रोह का केस दर्ज किया गया था.
गुरुवार को आतंकी मन्नान बशीर वानी के मारे जाने के बाद छात्रों ने कैनेडी हॉल में नमाज-ए-जनाजा की कोशिश की थी. हालांकि छात्रों एवं प्रॉक्टोरियल टीम के विरोध के कारण आयोजन नहीं हो सका. इस मामले में एएमयू प्रशासन द्वारा बायोकेमेस्ट्री के शोध छात्र एवं कश्मीर के शोपिया निवासी वसीम अयूब मलिक एवं इतिहास विभाग के शोध छात्र तथा कश्मीर के कुपवाड़ा निवासी अब्दुल हसीब मीर को निलंबित कर दिया था.अलीगढ़ के वीसी प्रो. तारिक मंसूर ने इस संबंध में बयान दिया है कि हमने निलंबन वापसी को कहा है. लेकिन पुलिस कार्रवाई से हमारा सम्बंध नहीं है. एफआईआर हमने नहीं पुलिस ने कराई है. पुलिस द्वारा इन दोनो छात्रों के अलावा अज्ञात लोगों के खिलाफ थाना सिविल लाइन में देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कराया गया था. एएमयू प्रशासन द्वारा सात छात्रों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था. हालांकि बाद में जांच में ज्ञात हुआ कि 7 में से 5 छात्र एएमयू से पास आउट हैं. उसमें से दो तो नौकरी कर रहे हैं. सोमवार को एएमयू प्रशासन द्वारा नोटिस दिये गये नामों में सुधार किया गया और चार छात्रों को नोटिस के लिए चिन्हित किया गया. इस मामले की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय फैक्ट फाइडिंग कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद एएमयू प्रशासन ने वसीम अयूब मलिक एवं अब्दुल हसीब मीर का निलंबन वापस ले लिया है.
एएमयू पीआरओ आफिस के मेंबर इंचार्ज प्रो. शाफे किदवई ने बताया कि दोनों छात्रों का निलंबन एवं चार छात्रों को दिया गया कारण बताओ नोटिस का फैसला वापस ले लिया गया है. फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट में वसीम अयूब मलिक एवं अब्दुल हसीब मीर के खिलाफ ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला है कि उन्हें निलंबित किया जाए.
वीसी प्रो. तारिक मंसूर ने यह भी कहा कि बच्चे चाहे बंगाल के हों, बिहार के हों या यूपी के हों, हमारे लिए हर राज्य, धर्म और जाति का बच्चा एक बराबर है. उन्होंने कहा कि जो हमने इंक्वायरी की है, उसके मुताबिक कार्रवाई होगी.
एएमयू द्वारा निलंबन वापस लिए जाने के बाद वसीम एवं हसीब पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने वाली पुलिस अलग-थलग पड़ गई है.
क्या था मामला
जम्मू-कश्मीर के हंदवाड़ा में सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को मार गिराया था. मारे गए आतंकियों में से एक अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के स्कॉलर से हिजबुल मुजाहिदीन का आतंकी बना मन्नान बशीर वानी भी था.
जैसे ही मन्नान के मारे जाने की खबर एएमयू पहुंची तो कुछ छात्रों ने उसे शहीद घोषित कर नमाज-ए-जनाजा पढ़ने की कोशिश की, जिस पर बवाल हो गया. इसके बाद अनुशासनहीनता में तीन छात्रों को निलंबित कर दिया गया. जबकि चार छात्रों को कारण बताओ नोटिस दिया गया है.
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