#Me Too आंदोलन के जोर पकड़ने के साथ ‘द एशियन एज’ अखबार में काम कर चुकीं 20 महिला पत्रकार अपनी सहकर्मी प्रिया रमानी के समर्थन में आईं. इसके अलावा महिला पत्रकारों के एक पैनल ने इस संबंध में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को खत लिखा है.

इन महिला पत्रकारों ने एक संयुक्त बयान में रमानी का समर्थन करने की बात कही और अदालत से आग्रह किया कि अकबर के खिलाफ उनकी गवाही भी सुनी जाए. महिला पत्रकारों की ओर से दावा किया कि उनमें से कुछ का अकबर ने यौन उत्पीड़न किया और अन्य इसकी गवाह हैं.पत्रकारों ने अपने हस्ताक्षर वाले संयुक्त बयान में कहा, ‘रमानी अपनी लड़ाई में अकेली नहीं है. हम मानहानि के मामले में सुनवाई कर रही माननीय अदालत से आग्रह करते हैं कि याचिकाकर्ता के हाथों हममें से कुछ के यौन उत्पीड़न को लेकर अन्य हस्ताक्षरकर्ताओं की गवाही पर विचार किया जाए जो इस उत्पीड़न की गवाह थीं.

राष्ट्रपति को लिखी चिट्ठी

महिला पत्रकारों के एक पैनल ने केंद्रीय मंत्री एम.जे.अकबर को बर्खास्त करने की मांग करते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को एक पत्र लिखा है.पत्र के अनुसार, "आप इस बात से सहमत होंगे कि यह अनैतिक और अनुचित है, इस तरह से उनके कथित कुकर्मो की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच प्रभावित हो सकती है."

किन 20 महिला पत्रकारों ने किया प्रिया रमानी का समर्थन -

1) मीनल बघेल

2) मनीषा पांडेय

3) तुषिता पटेल

4) कणिका गहलोत

5) सुपर्णा शर्मा

6) रमोला तलवार बादाम

7) कनीजा गजारी

8) मालविका बनर्जी

9) ए टी जयंती

10) हामिदा पार्कर

11) जोनाली बुरागोहैन

12) संजरी चटर्जी

13) मीनाक्षी कुमार

14) सुजाता दत्ता सचदेवा

15) होइहनु हौजेल

16) रेशमी चक्रवाती

17) कुशलरानी गुलाब

18) आयशा खान

19) किरण मनराल

20) Christina Francis

अकबर ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए सोमवार को रमानी के खिलाफ आपराधिक मानहानि की शिकायत दायर की थी. इसके जवाब में प्रिया ने भी चुनौती को स्वीकारते हुए मंगलवार को कहा था कि अकबर द्वारा अपने ऊपर लगाए गए मानहानि के आरोपों का सामना करने और लड़ने के लिए तैयार हूं, क्योंकि सिर्फ सच ही मेरा बचाव है.

विपक्ष का अकबर पर हमला

यौन उत्पीड़न के आरोपों में घिरे अकबर पर विपक्ष की ओर से इस्तीफे का दवाब बनाया जा रहा है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी बुधवार को एक चुनावी सभा में अकबर के बहाने मोदी सरकार पर हमला बोला.

पूरा मामला क्या है?

दरअसल, विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर कई अखबारों के संपादक रहे हैं. उनके ऊपर अब तक कई महिला पत्रकारों ने #Me Too कैंपेन के तहत आरोप लगाए हैं. अकबर पर पहला आरोप प्रिया रमानी नाम की वरिष्ठ पत्रकार ने लगाया था जिसमें उन्होंने एक होटल के कमरे में इंटरव्यू के दौरान की अपनी कहानी बयां की थी.

रमानी के आरोपों के बाद अकबर के खिलाफ आरोपों की बाढ़ आ गई और एक के बाद एक कई अन्य महिला पत्रकारों ने उन पर संगीन आरोप लगा रही हैं. जिसके कारण सोशल मीडिया और विपक्ष की ओर से लगातार उनके इस्तीफे की मांग उठ रही है.

 

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