सतलोक आश्रम संचालक रामपाल पर चार साल बाद हत्या के केस में हिसार की विशेष अदालत ने गुरुवार (11 अक्टूबर) को फैसला सुनाया. रामपाल को हत्या के दोनों मामलों में हिसार की विशेष अदालत ने दोषी करार दिया है. हत्या के दोनों मामलों पर विशेष अदालत के अतिरिक्त सेशन जज डीआर चालिका ने फैसला सुनाया ये अहम फैसला सुनाने के लिए हिसार जेल में ही अदालत लगाई गई थी, रामपाल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कोर्ट की कार्यवाही जेल में ही पूरी की गई. इन दोनों मामलों में सजा का ऐलान 16 और 17 अक्टूबर को किया जाएगा. सरकारी वकील राजीव सरदाना ने इसकी पुष्टि की है.
क्या है मामला 18 नवंबर 2014 को रामपाल के सतलोक आश्रम में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. मृतक महिला रामपाल की अनुयायी थी. आगे चलकर इस मामले को भी रामपाल के खिलाफ चल रहे अन्य मामलों की सूची में शामिल किया गया था. जबकि दूसरा मामला ठीक एक दिन बाद यानी 19 नवबंर 2014 का है, जब रामपाल के समर्थक पुलिस के साथ भिड़ गये थे. उन्होंने पुलिस को आश्रम में घुसने नहीं दिया था. इस दौरान उनकी पुलिस से मुठभेड़ हो गई थी, इस हिंसा में 4 महिलाओं और 1 बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई थी. यही दोनों मामले रामपाल की परेशानी का सबब बन गये, और अदालत ने उन्हें हत्या के मामले में दोषी करार दिया है.
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखते हुए हरियाणा के हिसार शहर को किले में तब्दील कर दिया गया है. किसी भी संभावित बवाल, हिंसा और तोड़फोड़ जैसी घटनाओं से निपटने के लिए पुलिस ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं. हिसार जिले में धारा-144 लागू कर दी गई है. अदालत के चारों ओर तीन किलोमीटर का सुरक्षा घेरा बनाया गया है. इस सुरक्षा घेरे को भेदकर कोई भी बाहरी व्यक्ति अंदर प्रवेश नहीं कर सकेगा. हिसार के रेलवे स्टेशन पर रेलवे पुलिस के साथ साथ पैरामिलिट्री फोर्स तैनात की गई हैं. मुख्यमंत्री मनोहर लाल स्वयं इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं.
आपको बता दें कि गुरमीत राम रहीम मामले की सुनवाई के दौरान उनके समर्थकों ने पंचकुला में बड़े पैमाने पर हिंसा की थी. इसलिए प्रशासन पहले से ही एहतियात बरत रहा है. इस केस की सुनवाई से 48 घंटे पहले ही जिले की सभी सीमाएं सील कर दी गई है. ताकि रामपाल के समर्थक शहर में प्रवेश ना कर सकें. बता दें कि गुरमीत राम रहीम मामले की सुनवाई के दौरान उनके समर्थकों ने पंचकुला में बड़े पैमाने पर हिंसा की थी. इसलिए प्रशासन पहले से ही एहतियात बरत रहा है. प्रशासन को अंदेशा है कि सुनवाई के दौरान रामपाल के 10 से 20 हजार श्रद्धालु कोर्ट परिसर, सेंट्रल जेल, लघु सचिवालय, टाउन पार्क और रेलवे जैसी जगहों पर इकट्ठा हो सकते हैं.
पुलिस प्रशासन ने शहर के चेक नाकों पर सोमवार से ही पुलिसकर्मियों की तैनाती को बढ़ा दिया है. इन नाकों से गुजर रहे लोगों की लगातार निगरानी की जा रही है. पुलिस ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं जो पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर कानून व्यवस्था पर पूरी नजर बनाए रखे हैं.
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