लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 15 जनवरी 2025 को नए कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन के उद्घाटन के मौके पर एक बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि हमारी लड़ाई राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, भारतीय जनता पार्टी और इंडियन स्टेट से है। इस बयान में इंडियन स्टेट पर हंगामा मच गया। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने राहुल गांधी को देशविरोधी बताते हुए मोर्चा खोल दिया था।

इसे लेकर राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक याचिका भी दायर हुई थी। इस पर अब हाईकोर्ट का फैसला आ गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार को ओपन कोर्ट में अपना फैसला सुनाते हुए यह याचिका खारिज कर दी। इलाहाबाद हाईकोर्ट में यह याचिका सिमरन गुप्ता ने दायर की थी।

सिमरन गुप्ता ने पहले संभल की चंदौसी कोर्ट में राहुल गांधी के खिलाफ निगरानी की याचिका दाखिल की थी। चंदौसी कोर्ट ने 7 नवंबर 2025 को इस याचिका पर अपना फैसला सुनाया था। चंदौसी कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी थी। चंदौसी कोर्ट के फैसले को सिमरन गुप्ता ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट में 8 अप्रैल को सुनवाई पूरी हो गई थी। सुनवाई पूरी होने के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

राहुल गांधी ने क्या कहा था?

इंदिरा भवन के उद्घाटन के मौकै पर राहुल गांधी ने कहा था कि हमारी विचारधारा पुरानी है। हम आरएसएस की विचारधारा से लड़ते आ रहे हैं। उन्होंने कहा था कि यह मत सोचिए कि हम निष्पक्ष लड़ाई लड़ रहे हैं। इसमें कोई निष्पक्षता नहीं है। राहुल गांधी ने आगे कहा था कि अगर आपको लगता है कि हम बीजेपी या आरएसएस नाम वाले किसी राजनीतिक संगठन से लड़ रहे हैं , तो आपने स्थिति सही से समझा नहीं है। बीजेपी और आरएसएस ने हमारे देश की हर संस्था पर कब्जा कर लिया है। अब हम बीजेपी और आरएसएस के साथ ही इंडियन स्टेट से लड़ रहे हैं।

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