उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि वो दुर्गा पूजा समितियों को धन देने के पश्चिम बंगाल सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर शुक्रवार (12 अक्टूबर) को सुनवाई करेगा. आपको बता दें कि बुधवार को कलकत्ता हाईकोर्ट ने इस मामले में दखल देने से इंकार कर दिया था. इस संबंध में दायर एक याचिका पर बुधवार (10 अक्टूबर) को सुनवाई करते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय ने कहा था. कि धन को खर्च करने का फैसला विधायिका लेती है. और उस फैसले में वह इस स्तर पर हस्तक्षेप नहीं करेगा.गुरुवार को हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता के वकील ने चीफ जस्टिस रंजन गोगोई से इस याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग की. उन्होंने कहा कि अगर इसमें देरी हुई तो फिर रुपये दे दिए जाएंगे और फिर कुछ नहीं हो सकता.
गौरतलब है कि 10 सितंबर को पश्चिम बंगाल सरकार ने प्रदेश की 28,000 दुर्गा पूजा समितियों को 10-10 हजार रुपये देने का फैसला किया था. राज्य सरकार के इस फैसले से सरकारी खजाने पर 28 करोड़ रुपए का खर्च आएगा. इतना ही नहीं ममता सरकार ने अन्य रियायतें भी देने की घोषणा की थी. मसलन, इस बार से पूजा कमेटियों से फायर लाइसेंस शुल्क भी नहीं वसूला जाएगा और बिजली के बिल में छूट भी मिलेगी. कमेटियों को कोलकाता नगर निगम की ओर से मदद मुहैया कराई जाएगी.
19 सितंबर को मुख्यमंत्री के इस फैसले पर कोलकाता हाईकोर्ट कोर्ट में चुनौती दी गई थी. कोर्ट की डिविजन बेंच ने इस मामले में राज्य सरकार से जवाब मांगा था कि राज्य सरकार किस आधार पर पब्लिक का पैसा पूजा समिति को दे रही है. कोर्ट ने यह भी जानना चाहा था कि क्या इसके लिए कोई दिशा निर्देश भी है. 2011 में पश्चिम बंगाल की सत्ता पाने के बाद से अबतक ममता बनर्जी की सरकार ने 600 करोड़ रुपए पूजा समितियों और तमाम क्लबों को दिए हैं.
पहले भी हो चुका है विवाद पिछले वर्ष मुहर्रम और दुर्गा पूजा मूर्ति विसर्जन का वक्त एक साथ पड़ा था. इस दौरान दुर्गा पूजा मूर्तियों के विसर्जन को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार ने तरह-तरह की बंदिशें लगाईं थीं. जिससे मामला कोलकाता हाई कोर्ट पहुंच गया था. बीजेपी ने इस दौरान हिंदुओं का अपमान करने और एक वर्ग के तुष्टीकरण का आरोप लगाया था. उस वक्त बहुसंख्यकों में इसको लेकर सरकार के खिलाफ नाराजगी की बात सामने आई थी. माना जा रहा है कि पिछले साल के हालात को देखते हुए इस बार ममता बनर्जी सरकार ने हिंदुओं को लुभाने के लिए दुर्गा पूजा कमेटियों को मदद की तैयारी की है.
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