सुप्रीम कोर्ट ने रियल एस्टेट परियोजनाओं को पूरा नहीं करने और खरीददारों को फ्लैट नहीं देने पर आम्रपाली समूह के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार कर लिया है।शीर्ष अदालत ने आम्रपाली समूह के 3 डायरेक्टरों को पुलिस हिरासत में लेने का आदेश दिया है।मंगलवार को जस्टिस अरुण मिश्रा और यूयू ललित की पीठ ने पुलिस को कोर्ट के अंदर बुलाया और आदेश दिया कि आम्रपाली समूह के डायरेक्टर अनिल कुमार शर्मा, शोव प्रिया और अजय कुमार को तब तक के लिए हिरासत में लिया जाए। जब तक वे फॉरेंसिक ऑडिट के पूरे दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा देते हैं।

तब तक डायरेक्टर्स पुलिस हिरासत में रहेंगे।सुप्रीम कोर्ट ने बिल्डर को फटकार भी लगाई कहा कि सुप्रीम कोर्ट के साथ ‘ हाइड एंड सीक’  ना खेले। सुप्रीम कोर्ट ने कहा बिल्डर जानबूझकर आदेशों का पालन नहीं कर रहा है। ये पूरी तरह कोर्ट की गरिमा के साथ खिलवाड़ है।सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली समूह के मैनेजिंग डायरेक्टर और डायरेक्टरों से साफ शब्दों में कहा था कि आपने लोगों को घर के लिए भटकने के लिए बाध्य किया है। हम आपकी सारी संपत्ति बेच देंगे। आपका घर भी बेच देंगे। आप भी ऐसे ही अपने घर को देखेंगे जैसे दूसरे फ्लैट खरीदार देख रहे है।

खाते सीज कर चुका है सुप्रीम कोर्ट

निवेशकों के साथ धोखाधड़ी के मामले में सुप्रीम कोर्ट आम्रपाली ग्रुप पर पहले से शिकंजा कस चुका है। अगस्त में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कंपनी के ऑडिटर को कहा था कि वह जांच कर बताएं कि आखिर खरीददारों के 2500 करोड़ से ज्यादा रुपये कहां गए? कोर्ट ने आम्रपाली ग्रुप को फटकार लगाते हुए कहा कि इस कंपनी की कारगुजारी पूरी तरह से गलत और अनुचित थी। कोर्ट ने सभी 40 कंपनियों और निदेशकों के फ्रीज बैंक खातों की भी जानकारी मांगी है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि अगर मांगी गई किसी भी डिटेल में कमी हुई तो कोर्ट की अवमानना के मुकदमे के लिए तैयार रहे। इतना ही नहीं बुधवार को कोर्ट द्वारा सभी बैंक खातों को फ्रीज करने के आदेश के बाद अगर खातों से पैसे निकाले गए तो भी कोर्ट कंपनी पर अवमानना की कार्रवाई करेगा। कोर्ट ने इस बात पर भी हैरानी जताई कि वर्ष 2015 के बाद से लेकर अब तक कंपनी का ऑडिट तक नहीं हुआ है।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को ही आम्रपाली ग्रुप के सभी खातों को फ्रीज करने का आदेश जारी किया था। अदालत ने इनसे पूछा था कि आप अपनी सम्पतियों को बेचकर कैसे 5,112 करोड़ रुपये इकठ्ठा करेंगे। इसका प्रपोजल देकर हमको बताएं, ताकि अधूरे हाउसिंग प्रोजेक्ट को पूरा किया जा सके। सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली ग्रुप के डायरेक्टर और प्रमोटरों को अपनी चल और अचल संपत्तियों का पूरा ब्योरा भी पेश करने को कहा था।

इसके साथ ही शीर्ष कोर्ट ने बिजली कंपनियों को निर्देश दिया था कि वे आम्रपाली समूह की दो परियोजनाओं में बिजली आपूर्ति बहाल करें। बिजली बिल बकाया रहने के कारण सिलिकॉन सिटी और जुड़ियाक प्रोजेक्ट को बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई थी। शीर्ष अदालत ने आम्रपाली समूह के सेवारत निदेशकों या 2008 से अब तक कंपनी छोड़ चुके डायक्टरों का भी ब्योरा मांगा। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कंपनी के सभी डायरेक्टर के भी बैंक खातों को फ्रीज करने को कहा था।  इतना ही नहीं सुप्रीम कोर्ट ने सभी डायरेक्टर के व्यक्तिगत सम्पत्ति को भी अटैच करने को कहा। इस मामले में कोर्ट ने शहरी विकास मंत्रालय के सेकेट्री को भी समन जारी किया था।

 

Source

Picture Source :