सुप्रीम कोर्ट के सबसे वरिष्ठ जज जस्टिस रंजन गोगोई ने आज देश के मुख्य न्यायाधीश का पदभार संभाल लिया। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कार्यभार संभालते ही सुप्रीम कोर्ट का नया रोस्टर जारी कर दिया है। सीजेआई रंजन गोगोई द्वारा जारी किया गया रोस्टर आज से ही प्रभावी होगा। नए रोस्टर के अनुसार जनहित याचिकाओं से जुड़े सभी मामलों की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई खुद ही करेंगे। नया रोस्टर सुप्रीम कोर्ट के जजों के लिए है। इसके अलावा नये मामलों के लिए भी रोस्टर जारी हुआ है। इसके अलावा जस्टिस मदन बी लोकुर भी जनहित याचिका पर सुनवाई कर सकेंगे।जस्टिस लोकुर के पास सुनवाई के लिए वे जनहित याचिकाएं जाएंगी जो मुख्य न्यायाधीश तय करेंगे। नया रोस्टर मुकदमों की श्रेणी के अनुसार बनाया गया है। इसके अलावा कोर्ट की अवमानना से संबंधित याचिका, चुनाव संबंधी याचिका, आपराधिक मामले और संवैधानिक पदों पर नियुक्ति से जुड़े मामलों की सुनवाई करेंगे। कार्यकाल के पहले ही दिन उन्होंने चुनाव सुधार से जुड़ी याचिका को खारिज कर दिया और वकील को फटकार लगाई। चीफ जस्टिस ही जनहित याचिका का आवंटन भी करेंगे। गौर करने वाली बात यह है कि जस्टिस दीपक मिश्रा के समय जनहित याचिका पर सुनवाई केवल जस्टिस दीपक मिश्रा की बेंच ही करती थी।
मालूम हो कि पिछले कुछ दिनों में सुप्रीम कोर्ट में रोस्टर का मुद्दा काफी चर्चा में रह चुका है। पूर्व मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा के कार्यकाल में सुप्रीम कोर्ट के चार जजों ने ( इनमें CJI रंजन गोगोई भी शामिल थे) रोस्टर पर सवाल उठाए थे। सभी जजों ने इसको लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी।
नाराज जजों ने रोस्टर को लेकर कई बार CJI से शिकायत भी की थी। हालांकि, बाद में ये ही तय हुआ था कि चीफ जस्टिस ही मास्टर ऑफ रोस्टर हैं, वह जो तय करेंगे वो ही अंतिम फैसला होगा।
जस्टिस गोगोई (64) सर्वोच्च अदालत में शीर्ष स्थान हासिल करने वाले पूर्वोत्तर भारत के पहले न्यायधीश हैं। वह 17 नवंबर 2019 तक 13 महीने 15 दिनों तक के लिए कार्यभार संभालेंगे।
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