सुप्रीम कोर्ट के सबसे वरिष्ठ जज जस्टिस रंजन गोगोई ने आज देश के मुख्य न्यायाधीश का पदभार संभाल लिया। उन्हें राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शपथ दिलाई। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी भी मौजूद थे। जस्टिस गोगोई इस पद पर पहुंचने वाले पूर्वोत्तर भारत के पहले मुख्य न्यायाधीश हैं। 17 नवंबर 2019 तक उनका कार्यकाल होगा।
देश के नागरिकों को उनसे काफी उम्मीदें हैं। वहीं अदालतों में पड़े करोड़ों मुकदमे और न्यायाधीशों के खाली पड़े पद उनके लिए बड़ी चुनौती होंगे।
हालांकि गोगोई इससे पहले ही एक बयान के जरिए संकेत दे चुके हैं कि मुकदमों का बोझ कम करने के लिए कोई कारगर योजना लागू की जा सकती है। जो कि आने वाले समय में न्यायपालिका के उज्जवल भविष्य के लिए बेहतर होगी। गोगोई बुधवार को जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस केएम जोसेफ के साथ मुख्य न्यायाधीश की अदालत में मुकदमों की सुनवाई करने बैठेंगे। इस वक्त देशभर की अदालतों में 2.77 करोड़ मुकदमे लंबित हैं। वहीं सुप्रीम कोर्ट में 54 हजार मुकदमें लंबित हैं।
जानिये उनके बारे में सबकुछ...
असम के पूर्व मुख्यमंत्री केशव चंद्र गोगोई के बेटे 18 नवंबर, 1954 को जन्मे जस्टिस रंजन गोगोई ने डिब्रूगढ़ के डॉन बोस्को स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा अर्जित की और दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से इतिहास की पढ़ाई की।
पूर्व मुख्यमंत्री केशव चंद्र गोगोई के बेटे हैं रंजन असम के पूर्व मुख्यमंत्री केशव चंद्र गोगोई के बेटे न्यायमूर्ति रंजन गोगोई ने 1978 में वकालत के लिए पंजीकरण कराया था। उन्होंने संवैधानिक, कराधान और कंपनी मामलों में गुवाहाटी उच्च न्यायालय में वकालत शुरू की थी।
फरवरी 2001 को गुवाहाटी हाईकोर्ट के जज बनाए गए। 2011 में वो पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस बने।
वह 23 अप्रैल, 2012 को उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश नियुक्त किये गये।
63 वर्षीय जस्टिस रंजन गोगोई जनवरी में तीन अन्य वरिष्ठतम न्यायाधीशों के साथ संवाददाता सम्मेलन में शामिल रहे। उन्होंने असम में NRC, सांसदों और विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालतों के गठन, राजीव गांधी हत्याकांड के मुजरिमों की उम्रकैद की सजा में कमी, लोकपाल की नियुक्ति समेत विभिन्न विषयों पर अहम फैसले दिये हैं।
हत्या के एक मामले में उनके फैसले पर सवाल उठाने वाले सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस मार्कंडेय काटजू को उन्होंने अवमानना नोटिस जारी कर कोर्ट में तलब कर लिया था।
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