तमिलनाडु में टीवीके की करिश्माई जीत के बाद मुख्यमंत्री बने विजय को विपक्ष कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर घेरने में जुटा है। राज्य में बीते 14 दिनों 28 हत्याओं का आरोप विपक्ष ने लगाया था। डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन से लेकर कनिमोझी करुणानिधि विजय को घेर रही हैं। इस बार के बीच विजय की अगुवाई वाली टीवीके सरकार को मद्रास हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। मद्रास हाईकोर्ट ने कहा कि सुलूर बच्ची के अपहरण, यौन उत्पीड़न और हत्या के मामले की जांच सही दिशा में चल रही है। ऐसे में एसआईटी बनाने की कोई जरूरत नहीं है। दरअसल, कोयंबटूर के सुलूर में 10 साल की बच्ची की अपहरण के हत्या हुई थी।
48 घंटे में सलाखों के पीछे गए 'दरिंदे'
ऐसे में जब तमिलनाडु में तमाम विपक्षी दल विजय को घेरने में जुटे हैं तब मद्रास हाईकोर्ट ने पुलिस की जांच ठीक माना है। यह नई नवेली टीवीके सरकार के लिए बड़ी राहत की बात है। इस मामले में एक याचिका दाखिल करके यह मांग की गई थी कि पूरे मामले की जांच एसआईटी से कराई जाए। कोर्ट में रखे गए तथ्यों के बाद मद्रास हाईकोर्ट ने कहा कि अभी प्रारंभिक दौरे में पुलिस की जांच सही दिशा में हैं। पुलिस ने 48 घंटे में दो आरोपियों को अरेस्ट करके जेल भेज दिया था। पुलिस की तरफ से इस मामले में जल्द चार्जशीट की उम्मीद है। पुलिस ने 30 दिन चार्जशीट दाखिल करने का लक्ष्य रखा है।
पुलिस पर शक नहीं कर सकते: मद्रास हाईकोर्ट
जस्टिस जीआर स्वामीनाथन और जस्टिस वी लक्ष्मीनारायणन की बेंच ने मौखिक रूप से कहा कि जांच पहली नजर में सही दिशा में आगे बढ़ रही है। जब याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट को बताया कि नाबालिग के परिवार की जानकारी देने वाले सोशल मीडिया पोस्ट किए जा रहे हैं और अपराध के संबंध में दूसरी थ्योरी बनाई जा रही हैं, तो कोर्ट ने कहा कि वह इस मामले में विस्तृत आदेश पारित करेगा। बेंच ने मौखिक रूप से कहा पहली नजर में हमारा मानना है कि जांच सही दिशा में जा रही है। हम हर बार पुलिस पर शक नहीं कर सकते। जब शुक्रवार को मामले की सुनवाई हुई, तो एडवोकेट जनरल विजय नारायण ने कोर्ट को बताया कि मामले की जांच (DNA टेस्ट सहित) तेजी से की जा रही है।
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