दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली में लगने वाले साप्ताहिक बजारों को लेकर कड़ी टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा है कि इस तरह के बाजार लोगों के लिए सुरक्षा और सुविधा का संकट नहीं बन सकते। इसलिए इन्हें नियमों के दायरे में लाना जरूरी है। बता दें कि ये टिप्पणी जस्टिस प्रतिभा सिंह और जस्टिस मधु जैन की बेंच ने उस याचिका पर की जिसको लेकर उत्तम नगर के एक निवासी ने सोमवार को लगने वाले साप्ताहिक बाजार को हटाने की मांग की थी।
कोर्ट के क्या कहा?
याचिकाकर्ता वेद प्रकाश ने कोर्ट में कहा कि बाजार लगने के दौरान इलाके में भारी अतिक्रमण हो जाता है। इस वजह से रास्ते जाम हो जाते हैं और लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने अपने दावों के समर्थन में कुछ तस्वीरें भी कोर्ट में दी है। कोर्ट ने तस्वीरों को देखने के बाद माना कि बाजार वाले दिन और सामान्य दिनों में इलाके की स्थिति में स्पष्ट अंतर नजर आता है।
बाजार लगने के लिए बनाने होंगे नियम
दिल्ली हाई कोर्ट का कहना है कि साप्ताहिक बाजारों को पूरी तरह बंद करना सही नहीं है, लेकिन इन बाजारों को लेकर सही तरीके से नियम होना जरूरी है। जैसे की मार्केट में कितने विक्रेता होंगे और वह कितनी जगह घेरंगे ये तय होना चाहिए। वहीं सुनवाई के दौरान कहा गया है कि MCD की ओर से बताया गया कि दिल्ली सरकार इस समस्या के समाधान के लिए एक योजना तैयार कर रही है। इसे लेकर कोर्ट ने MCD को निर्देश दिया है कि वे अपनी योजना की पूरी रिपोर्ट पेश करें। अब मामले की अगली सुनवाई 6 अगस्त को होनी है। बता दें कि ये वीकली मार्केट दिल्ली के बड़े तबके के लिए बेहद सुविधाजनक मानी जाती हैं। इन बाजारों में मार्केट रेट से कम में फल-सब्जी, किचन या घर का सामान खरीदा जा सकता है। ऐसे में इन साप्ताहिक बाजारों का हटाया जाना लोगों के लिए मुश्किल भरा हो सकता है।
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