"हनीट्रेप को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। उच्च न्यायालय ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि महिलाओं को ब्लैकमेलिंग के जरिए जबरन वसूली के काम में लगाने वाली गैंग्स के खिलाफ कार्रवाई की जाए। कोर्ट का कहना है कि इन अपराधों के चलते सभ्य समाज में रहना मुश्किल हो जाएगा। दरअसल, अदालत में एक याचिका दाखिल हुई थी, जिसमें फिरौती के एक मामले को रद्द करने की मांग की गई थी। इस मामले में कुछ पुलिसकर्मियों समेत 5 लोग आरोपी हैं।"

क्या बोला कोर्ट

जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस तरुण सक्सेना की डिवीजन बेंच सुनवाई कर रही थी। याचिका पर कोर्ट ने कहा, 'यह बड़ा ही गंभीर मामला है।' अदालत ने कहा कि इस मामले में मेरठ जोन के IG की तरफ से गहन जांच किए जाने की जरूरत है। साथ ही जिले के पुलिस अधिकारियों से कहा गया है कि ऐसी गैंग को लेकर अलर्ट मोड में रहें।"

'सभ्य समाज में रहना मुश्किल हो जाएगा'

"कोर्ट ने कहा, 'वह क्षेत्र के सभी जिला पुलिस प्रमुखों को अलर्ट करेंगे ताकि वे कड़ी निगरानी रखें। यदि इस तरह का कोई गिरोह, या अन्य गिरोह सक्रिय हैं, जो महिलाओं का इस्तेमाल करके 'हनी ट्रैप' या किसी अन्य तरीके से मासूम लोगों को ब्लैकमेल कर रहे हैं, तो उन पर नजर रखी जाए। अगर इस तरह के अपराधों को जारी रहने दिया गया, तो एक सभ्य समाज में रहना मुश्किल हो जाएगा।'"

क्या था मामला

"बिजनौर पुलिस को शिकायतकर्ता ने बताया था कि होटल में महिला से सेक्स के बाद उसे ब्लैकमेल किया गया था। पुलिस में केस दर्ज कराया गया था कि महिला ने कुछ वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिए थे। शिकायतकर्ता का कहना है कि आरोपियों ने मामले को खत्म करने के लिए 8 से 10 लाख रुपये की मांग की थी।"

"इसके बाद आरोपियों ने एफआईआर रद्द कराने के लिए हाई कोर्ट का रुख किया था। हालांकि, अदालत ने उनकी याचिका सुनने से इनकार कर दिया। साथ ही निर्देश दिए कि इस संबंध में डीजीपी, मेरठ जोन के आईजी और अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) को सूचित किया जाए।"

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