सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सहारा ग्रुप की कोऑपरेटिव सोसायटी के निवेशकों को राहत देते हुए शुक्रवार (12 सितंबर) को बड़ा आदेश दिया। अदालत ने सहारा फंड से 5,000 करोड़ रुपये निकालकर निवेशकों को लौटाने की मंजूरी दी। यह रकम कुल 24,000 करोड़ रुपये में से दी जाएगी, जो सहारा ग्रुप ने मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया यानी सेबी (SEBI) के पास जमा किए थे।
जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने यह आदेश केंद्र सरकार की अपील पर दिया। कोर्ट ने साफ किया कि रकम एक हफ्ते के भीतर केंद्रीय रजिस्ट्रार ऑफ कोऑपरेटिव सोसायटीज़ को ट्रांसफर की जाएगी, ताकि असली निवेशकों को जांच के बाद पैसा मिल सके। पूरी प्रक्रिया की निगरानी पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज आर। सुबाष रेड्डी करेंगे।
सहारा रिफंड की समय सीमा 2026 तक बढ़ी
इसके अलावा, कोर्ट ने निवेशकों को पैसे लौटाने की डेडलाइन 31 दिसंबर 2025 से बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 कर दी है। इससे लाखों निवेशकों को राहत मिलेगी।
26 लाख से ज्यादा निवेशकों को मिला ₹5,053 करोड़
सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि अब तक लगभग 5,053 करोड़ रुपये 26 लाख से ज्यादा निवेशकों को लौटाए जा चुके हैं। वहीं, 13.34 लाख नए निवेशकों ने भी क्लेम किया है, जिसकी कुल राशि 27,849 करोड़ रुपये बैठती है। अनुमान है कि दिसंबर 2026 तक करीब 32 लाख और निवेशक अपना दावा दर्ज कर सकते हैं।
2012 से चल रहा है सहारा का मामला
सहारा मामला साल 2012 से चल रहा है, जब सुप्रीम कोर्ट ने सहारा की दो कंपनियों को निवेशकों का पैसा लौटाने का आदेश दिया था। इसके बाद से यह रकम SEBI-सहारा एस्क्रो अकाउंट में जमा है, जिससे किस्तों में निवेशकों को पैसा वापस किया जा रहा है।
ऐसे करें रिफंड स्टेटस चेक
- पोर्टल mocrefund।crcs।gov।in पर जाएं।
- Depositor Login पर क्लिक करें।
- आधार नंबर या सहारा रसीद नंबर डालें।
- मोबाइल नंबर दर्ज करके ओटीपी से लॉगिन करें।
- स्क्रीन पर आपका रिफंड स्टेटस दिख जाएगा।
- अगर किसी जानकारी में गलती है तो पोर्टल पर ही आवेदन फॉर्म अपडेट करने का विकल्प उपलब्ध है। साथ ही, भुगतान का तरीका (जैसे बैंक ट्रांसफर या NEFT) भी ऑनलाइन देखा जा सकता है।
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