राफेल डील के पुनर्विचार के मामले पर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में नया हलफ़नामा दाखिल किया है. राफेल विमान सौदे से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पुनर्विचार से जुड़ी याचिका पर सरकार ने कोर्ट में नया हलफ़नामा दाखिल किया है. सरकार ने कोर्ट से अपील की है कि राफेल मामले पर पुनर्विचार याचिका खारिज होनी चाहिए. सरकार ने हलफनामे में कहा कि खरीद प्रक्रिया की समीक्षा देश में वर्तमान वातावरण में राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित कर सकती है और पड़ोसी देशों को इसकी जानकारी मिल सकती है.सरकार ने हलफनामे में कैग की रिपोर्ट को भी भरोसा करने का आधार बताया है. सरकार की ओर से कहा गया है कि अपुष्ट मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर किए गए संप्रभु निर्णयों पर सवाल नहीं उठा सकते हैं.
केंद्र सरकार ने हलफनामे में दोहराया है कि भारत को सस्ती कीमत पर राफेल विमान मिले हैं. सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि व्यक्तिगत धारणा जांच का आधार नहीं हो सकती है. साथ ही इसे लेकर किसी भी एफआईआर का आदेश नहीं दिया जा सकता है.
सरकार ने कहा कि दिसंबर 2018 में सुप्रीम कोर्ट का फैसला सही था. सरकार अदालत को गुमराह करने के आरोपों को भी खारिज करती है. बता दें सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर सोमवार को सुनवाई करेगा.
इससे पहले फ्रांस ने राफेल मामले पर एक बार फिर अपना पल्ला झाड़ते हुए कहा कि भारत में राफेल विमान की खरीद पर हो रहा विवाद वहीं का मुद्दा है, इससे फ्रांस का कोई लेना देना नहीं है. फ्रांस की महावाणिज्य दूत सोनिया बारब्री ने कहा कि सभी नियमों और प्रतिक्रियाओं का पालन करने के बाद ही यह सौदा हुआ है. यदि कोई विवाद भारत में होता है तो इससे हमारा कोई लेना देना नहीं है. हमने सभी प्रक्रियाओं को पूरा किया है.
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