बांग्ला फिल्म 'भविष्योतेर भूत' पर 'वर्चुअल बैन' लगाने के मामले में उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को पश्चिम बंगाल सरकार पर 20 लाख रूपये का जुर्माना लगा दिया। न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि 20 लाख रूपये की जुर्माना राशि, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता संबंधी अधिकार के हनन के लिए बतौर मुआवजा फिल्म निर्माताओं तथा सिनेमा हॉल मालिकों को दी जानी चाहिए।न्यायालय फिल्म निर्माता की एक अपील पर सुनवाई कर रहा था। अपील में आरोप लगाया गया है कि राज्य प्रशासन के कहने पर फिल्म को अधिकतर थिएटरों से हटा दिया गया है। उच्चतम न्यायालय ने 15 मार्च को ममता बनर्जी सरकार को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया था कि फिल्म का प्रदर्शन बाधित नहीं किया जाना चाहिए।

पश्चिम बंगाल पुलिस की विशेष शाखा की ओर से एक निर्माता को यह सूचना दी गई कि फिल्म में जो कुछ दिखाया गया है उससे लोगों की भावनाएं आहत हो सकती हैं जिससे कानून व्यवस्था की समस्या खड़ी हो सकती है।

अनिक दत्ता के निर्देशन में बनी यह फिल्म 15 फरवरी को रिलीज हुई थी। इस फिल्म में भूतों का एक समूह एक शरणार्थी शिविर में इकट्ठा होता है और वर्तमान समय में प्रासंगिक होने का प्रयास करता है। इन भूतों में राजनेता भी शामिल हैं। फिल्म 15 अप्रैल को प्रदर्शित हुई थी और 16 फरवरी को इसे सिनेमा हॉल से हटा दिया गया।

 

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