उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को राजस्थान सरकार के उस फैसले पर रोक लगाने से मना कर दिया है जिसमें गुर्जरों और चार अन्य समुदायों को पांच प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया गया है। इन समुदायों को यह आरक्षण सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थान में दिया जाना है। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की पीठ ने इस मामले में हस्तक्षेप करने से मना कर दिया है।इस साल फरवरी में राज्य सरकार ने विधानसभा में पिछड़ा वर्ग संशोधन विधेयक 2019 पास किया था। यह विधेयक गुर्जरों सहित चार अन्य समुदायों को शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी नौकरियों में आरक्षण देता है। यह सभी समुदाय पिछले काफी समय से आरक्षण की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे।
गुर्जरों के नेता किरोड़ी सिंह बैंसला और उनके समर्थकों ने संवाई माधोपुर जिले सहित राजमार्गों को आरक्षण की मांग के चलते ब्लॉक कर दिया था। वह काफी समय से शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी नौकरियों में उन्हें आरक्षण देने की मांग कर रहे थे।
Picture Source :

