उच्चतम न्यायालय ने इलेक्टोरल बांड्स योजना के संचालन पर अंतरिम स्थगनादेश देने से शुक्रवार को मना करते हुए याचिकाकर्ता से कहा कि वह इसके लिए उचित अर्जी दाखिल करे। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि इस मुद्दे पर विस्तार से सुनवाई करने की आवश्यकता है, इसलिए इस मामले की अगली सुनवाई 10 अप्रैल को की जाएगी।एक स्वयंसेवी संगठन (एनजीओ) एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर) ने इस मामले में याचिका दायर की है। याचिककर्ता की तरफ से पेश हुए वकील प्रशांत भूषण ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दलों को गुमनाम लोग करोड़ों रूपये का चंदा दे रहे हैं और 95 फीसदी बांड्स एक ही दल को दिए गए हैं और वह भी सत्तारूढ़ पार्टी को।

केंद्र का पक्ष रखते हुए अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि इलेक्टोरल बांड्स योजना को इसलिए लाया गया था ताकि राजनीतिक दलों को मिलने वाले काले धन के प्रवाह को रोक जा सके। अदालत ने कहा, हम इस मामले को दस अप्रैल को सुनेंगे।

 

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